महर्षि वाल्मीकि चंचल गिरी आश्रम में शनिवार को कांग्रेस पार्टी के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ द्वारा प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर बतौर मुख्य वक्ता संबोधित करने पहुंचे। उन्होंने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव से माहौल खराब हुआ है। लोगों में आपसी भाईचारे एवं विश्वास में कमी आई है। कांग्रेस कार्यकर्ता इस माहौल को फिर से सामान्य बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत बनाने की दिशा में ओर अधिक गंभीरता से काम करें।
उन्होंने कहा कि आरक्षण आंदोलन के बीच हुआ उपद्रव प्रदेश सरकार की असफलता का परिणाम है। पूरे प्रदेश में जब जनता त्राही।त्राही कर रही थी, सरकार अपने हैपनिंग हरियाणा अभियान में लगी हुई थी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस घटनाक्रम के बीच इनेलो ने जगह-जगह जाम लगवाए। कांग्रेस की स्पष्ट मांग है कि सारे मामले में दोषियों पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल 13 मार्च को प्रदेश के राज्यपाल से मिला था और 2 दिन पहले ही राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से भी मिलकर कांग्रेस ने यही मांग रखी है कि हरियाणा एवं पंजाब दोनों प्रदेशों में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए। एसवाईएल पर जिस तरह पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को भी नहीं मान रही। उससे स्पष्ट है कि ये संविधान का पालन नहीं कर रहे। केंद्र एवं प्रदेश में भाजपा की सरकार है, उसके बाद भी हरियाणा के हितों पर प्रहार किया जा रहा है।
4 दशक पहले जिसकी नींव रखी गई थी, वही नहर पाटने का काम इन सरकारों ने किया है। एसवाईएल पर जिस तरह राजनीति की जा रही है उससे कांग्रेस और जनता पूरी तरह आहत है। दिल्ली, पंजाब के मुख्यमंत्री के एसवाईएल पर जो ब्यान आए हैं, वह निंदनीय है। जाट समुदाय को आरक्षण देने संबंधी मामले पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को इस मामले को संजीदगी से लेना चाहिए। दूसरे पक्ष के साथ वार्ता करनी चाहिए और जो अधिकार उनके बनते हैं, उन्हें देने चाहिए। कांग्रेस एससी जाति कार्यकारिणी के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानचंद सहोता ने भी बैठक को संबोधित कर पार्टी की मजबूती के लिए काम करने का आह्वान किया। जिला अध्यक्ष अधिवक्ता राकेश खानपुर, देवीराम कसान, राजकुमार कटारिया, मनोज बांगड़ी, शीशपाल सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता भी इस अवसर पर मौजूद थे।