कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा की भाजपा-जजपा और केंद्र की मोदी सरकार इतनी अत्याचारी व अहंकारी बन चुकी है। उन्होंने एक तरफ भारत के अन्नदाताओं के रास्ते में पत्थर लगाए, कटीले तार और वॉटर केनन से स्वागत किया और दूसरी तरफ कोरोना योद्धाओं स्वास्थ्य कर्मियों के साधारण से समूह पर जिसमें महिलाएं भी हैं उन पर लाठियां बरसाई जा रही है। ये है नए भारत का आज का परिदृश्य। जहां सरकार विरोधी प्रदर्शन राष्ट्र विरोधी बन जाता है। भाजपा और जजपा की सरकार को एक दिन भी सत्ता में रहने का कोई हक नही है।
अपने निवास पर कार्यकर्ताओं से भी रूबरू के दौरान सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर हमला बोलकर कहा कि विपक्ष में होते हुए अपने आपको किसान हितैषी होने का स्वांग रचने वाले राजनाथ सिंह व भाजपा के नेता आज चुप क्यों बने बैठे हैं? या फिर सत्ता में आने से पहले सिर्फ किसान अन्नदाता और अब कुर्सी पाने के बाद किसान से क्या वास्ता ये सच साबित हो चुका है। अन्नदाता एक सप्ताह से भीषण ठंड में दिल्ली की चौखट पर बैठे हैं।
उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर मोदी सरकार से भीख नही मांग रहा बल्कि अपनी मेहनत की कीमत मांग रहा है। लेकिन भाजपाई नेता किसान को आज देशद्रोही, टुकड़े-टुकड़े गैंग, खालिस्तानी, चीन और पाकिस्तान का षड्यंत्र बताने की गंदी राजनीति कर रहे हैं। किसानों पर षडयंत्र की बजाय उनको उनका अधिकार दीजिए। सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार के मंत्रियों का किसानों के प्रति दुर्व्यवहार और अपमानजनक भाषा बहुत ही शर्मनाक है। क्या अब अन्नदाताओं को किसान होने और दिखने का सर्टिफिकेट भी मोदी सरकार से लेना पड़ेगा? ये किसान-मजदूरों के प्रति भाजपाई दुर्भावना का जीता जागता सबूत है। ऐसे मंत्रियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार राजहठ त्यागिये, राजधर्म मानिये। अन्नदाता की सुनें, काले कानूनों को निरस्त करें। याद कीजिए कि इतिहास ने कभी अहंकार को माफ नही किया।