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नप सफाई कर्मियों का वार्षिक कान्फिडेंशियल रिकॉर्ड नगर परिषद कार्यालय से लापता

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कैथल। विवादों में चल रही कैथल नगर परिषद की कार्यप्रणाली में एक ओर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यहां कार्यरत सफाई कर्मचारियों का वार्षिक कॉन्फिडेंशियल रिकॉर्ड लापता है। जिस कारण कर्मचारियों में रोष है। कार्यालय में अज्ञात व्यक्ति द्वारा कुछ कर्मचारियों का वो रिकॉर्ड लापता कर दिया गया, जिससे यह पता लगता है कि कर्मचारी पिछले कितने वर्ष से कार्य कर रहा है और क्या उसकी वर्षभर की उपलब्धियां अथवा खामियां रहीं। उनमें कच्चे कर्मियों के साथ-साथ कुछ पक्के कर्मचारियों का रिकॉर्ड भी शामिल हैं। कुछ कर्मियों की तो कई-कई वर्ष की एसीआर (एनुअल कांफिडेंशल रिकॉर्ड) तक गुम कर दी गई है। पीड़ित कर्मचारी रिकॉर्डर गुम करने के मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक न तो गुम करने वाले का पता चल पाया है और न ही कार्रवाई हो पाई है।
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पक्का होने को लेकर हो सकता है षड्यंत्र
कार्यालय सूत्रों ने बताया कि यह रिकॉर्ड इसीलिए लापता किया गया है कि जो कर्मचारी कई सालों से कार्यरत हैं। उनकी बजाए उनके बाद में नियुक्त हुए कर्मचारियों को नियमित किया जा सके। साथ ही पूर्व में कार्यरत कर्मचारी परेशान रहें। इसीलिए कर्मचारी इस मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।
कर्मचारी बोले-फाइल तक कर दी गुम
नप में तैनात सफाई कर्मचारी एवं नपा कर्मचारी संघ के राज्य उप महासचिव, शिवचरण, प्रधान महेंद्र बिड़लान, दिनेश, राजवीर, पृथ्वी, निर्मला व शिवकुमार ने बताया कि उन्हें दो महीने पहले ही पता लगा कि कार्यालय में उनकी एसीआर व सर्विस बुक गुम हो गई। शिवचरण ने बताया कि उनके साथ-साथ कई अन्य कर्मचारियों की तो 1990-91 तक की फाइलें भी गुम की गई हैं। जिनके दस्तावेजों से छेड़छाड़ हुई है, उनमें 160 कर्मचारी शामिल हैं। ऐसे में इन कर्मचारियों का इंक्रीमेंट, वेतन और भत्तों पर प्रभाव पड़ेगा।
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चार सदस्यीय कमेटी करेगी मामले की जांच
नगर परिषद के ईओ अशोक कुमार ने बताया कि मंगलवार को सीटीएम कैथल से भी अधिकारियों की बातचीत हुई है। चार सदस्यीय कमेटी में नप सचिव, क्लर्क, सुपरीटेंडेंट व अकाउंट ऑफिसर शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जो कर्मचारी रिकॉर्ड की देखरेख के लिए तैनात था, अब उसके स्थान पर दूसरे दो कर्मचारियों को लगाया गया है। जल्द ही मामले की जांच पूरी कर ली जाएगी।
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