संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर की अग्रवाल धर्मशाला में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का तीन दिवसीय 17वां राज्य स्तरीय सम्मेलन सोमवार को संपन्न हो गया। इस सम्मेलन में 30 सदस्यीय राज्य कमेटी का चुनाव किया गया, जिसमें कामरेड प्रेम चंद को सचिव चुना गया। सुरेंद्र सिंह, इंद्रजीत सिंह, जय भगवान, जगतार सिंह, रमेश चंद्र, सविता, ओम प्रकाश, दिनेश सिवाच को सचिव मंडल सदस्य के रूप में चुना गया।
राज्य सम्मेलन ने अप्रैल में होने वाली पार्टी कांग्रेस के प्रतिनिधियों का भी चुनाव किया। सम्मेलन ने फैसला किया कि बिजली निजीकरण, नई शिक्षा नीति, लेबर कोड्स, बढ़ती महंगाई के विरोध में, न्यूनतम वेतन ओर किसानों के लिए एमएसपी की गारंटी आदि मांगो को लेकर 24 से 31 जनवरी के बीच अभियान चलाते हुए प्रदर्शनों की कार्यवाही की जाएगी। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस से लेकर 23 मार्च शहीदी दिवस तक संविधान बचाओ अभियान के तहत, प्रदेश भर में सेमिनार, गोष्ठियां की जाएंगी और अभियान चलाया जाएगा। पार्टी ने सम्मेलन के आयोजन को सफल बनाने के लिए कैथल की जनता का तहेदिल से धन्यवाद किया।
सम्मेलन में नौ प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें सांप्रदायिक व जातिवादी हमलों के विरोध में, नशाखोरी और अपराध के खिलाफ, श्रमिकों के न्यूनतम वेतन रिवाइज करने व कर्मचारियों के वेतन संशोधन के लिए, स्थायी भर्ती तथा ठेका/अस्थाईकर्मियों को स्थाई करने, किसान आंदोलन के समर्थन में तथा कृषि विपणन फ्रेमवर्क के विरोध में, प्रवासी मजदूरों के हित बारे, मूलगामी चुनाव सुधारों के पक्ष में तथा एक देश एक चुनाव के विरोध में, महिलाओं और बच्चों पर हिंसा और अत्याचार के विरोध में, बिजली के निजीकरण व स्मार्ट मीटर के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए गए।
सम्मेलन का समापन पोलित ब्यूरो सदस्य व पूर्व सांसद नीलोत्पल बसु ने किया।कहा कि पार्टी जनता के हितों के लिए लगातार संघर्ष में रही है। आगामी दिनों में वैकल्पिक नीतियों के बदलाव के लिए जमीनी स्तर पर किसान मजदूरों के बीच व्यापक एकता कायम करते हुए ग्रामीण व शहरी गरीबों के आंदोलन खड़े करने होंगे।