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छह माह से सचिवालय का शिकायत केंद्र बंद

Sun, 20 Jul 2014 11:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथ्ाल
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कैथल। लघु सचिवालय में प्रवेश द्वार पर स्थापित सुविधा केंद्र ठप हो गया है। लोगों को टोल फ्री नंबर के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाने के लिए जो सुविधा शुरू की गई थी। उसे प्रशासन ही भूल गया है। यही कारण है कि टोल फ्री नंबर 18001801332 की घंटी अब नहीं बजती।
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लोग इस नंबर पर फोन करके थक जाते हैं, लेकिन खराब होने के कारण इसे उठाया नहीं जाता, जबकि जिला प्रौद्योगिकी केंद्र के रिकॉर्ड में यह नंबर चल रहा है और विभाग इसका बिल भी अदा कर रहा है।

यह थी सुविधा
जिले में निवर्तमान डीसी रहीं ए मोना श्रीनिवास के समय में सुविधा केंद्र शुरू किया गया था।लघु सचिवालय के प्रवेश द्वार में प्रवेश करते ही एक कर्मचारी को यहां कंप्यूटर की सुविधा के साथ बैठाया गया था। जो हर फोन कॉल पर आने वाली शिकायत को दर्ज करते हुए एसएमएस के माध्यम से शिकायतकर्ता को शिकायत दर्ज होने की पुष्टि करता था। इस शिकायत को संबंधित विभाग को भेजकर कार्रवाई करवाई जाती थी। बाद में तय समय में संबंधित विभाग से उस शिकायत पर हुई कार्रवाई का ब्यौरा लेकर शिकायतकर्ता को दोबारा संपर्क करने पर दिया जाता था।
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कुछ समय बाद दम तोड़ गई योजना
शुरू होने के कुछ समय बाद तक तो सुविधा केंद्र ठीक चला, लेकिन करीब छह माह से तो यह सुविधा केंद्र पूरी तरह से ठप है। टोल फ्री नंबर पर फोन किए जाने पर घंटी तो जाती है, लेकिन इसे रिसीव नहीं किया जा रहा। इतना ही नहीं सुविधा केंद्र में अब कोई कर्मचारी भी बैठा हुआ नजर नहीं आता। बताया जा रहा है कि इस कर्मचारी से कार्यालय में आने वाली शिकायतें दर्ज करवाने का काम लिया जा रहा है।

वह भी शिकायत शाखा में क्लर्क कार्यालय में बैठाकर। सुविधा केंद्र में कंप्यूटर, टेलीफोन नंबर, एसएमएस सेवा का काम पूरी तरह से बंद है। लघु सचिवालय से यह भी जानकारी मिली है कि इस कर्मचारी के बैठने एवं टेलीफोन पर आने वाली शिकायतों को सुनने के लिए जिस दरवाजे का प्रयोग किया जाता था, उस दरवाजे को भी बंद करके ड्राईवरों के लिए कमरा बना दिया गया है। इस कारण कर्मचारी के लिए भी परेशानियां बढ़ गई हैं।

सचिवालय में दर्ज करवानी पड़ती हैं शिकायतें
जिलावासी सतपाल गुप्ता, रामदिया चावरिया, जीवन सिंह नैन, राजेश कुमार, कामरेड प्रेमचंद और गुणी राम का कहना है कि फोन के माध्यम से जो शिकायत देने की सुविधा शुरू की गई थी, वह काफी सराहनीय प्रयास था। इसके ठप होने से अब लोगों को अपना कामकाज छोड़कर लघु सचिवालय में शिकायत दर्ज करवाने के लिए आना पड़ता है। समय एवं धन दोनों की बर्बादी होती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि शिकायत दर्ज करने एवं इसके बाद एसएमएस से शिकायत दर्ज होने की पुष्टि संबंधी सेवा को फिर से शुरू किया जाए।

पता करवाएंगे क्यों बंद है : अधिकारी
जिला प्रौद्योगिकी एवं सूचना अधिकारी दीपक खुराना का कहना है कि बीच में केवल एक बार चुनाव के कारण इस टोल फ्री नंबर को चुनाव संबंधी शिकायतों के लिए लिया गया था। इसके बाद से इसका प्रयोग क्योें नहीं हो रहा हैक, पता करवाएंगे। लेकिन विभाग इसके लिए लगभग 2500 रुपये की राशि हर महीने बिल के लिए जमा करवा रहा है।
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