Common passengers had to face trouble due to non-operation of buses on local routes
- फोटो : Kaithal
कैथल। सामान्य पात्रता परीक्षा सीईटी को लेकर नया बस स्टैंड पर पूरा दिन मारामारी रही। परीक्षार्थियों के लिए लगाई गईं बसों के कारण लोकल रूटों पर जरूरत के अनुसार बसें नहीं चल पाई। जिस कारण यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। इसके साथ ही लंबे रूटों पर जाने वाली बसें नहीं मिली। इससे भी यात्रियों को बस स्टैंड पर बस के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। बस न मिलने की स्थिति में उन्हें निजी वाहनों में दोगुना किराया भरकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। नया बस स्टैंड से हिसार, चंडीगढ़, अंबाला, करनाल और कुरुक्षेत्र के लिए बसें आम यात्रियों को नहीं मिली।
वहीं, जिले में सीईटी की परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थियों को चीका व पूंडरी जाने के लिए भी समय पर बसें नहीं मिल पाईं। बस नहीं मिलने पर उन्हें भी काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। परीक्षा केंद्र गृह जिले से 150 से 200 किलोमीटर दूर होने पर भी परीक्षार्थियों में काफी रोष रहा। परीक्षार्थियों का कहना था कि सरकार की तरफ से पड़ोस के जिलों में ही परीक्षा केंद्र बनाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन सीईटी की परीक्षा में ऐसा नहीं हुआ है।
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अंबाला निवासी पूनम ने बताया कि वह कैथल में अपने किसी रिश्तेदार के पहुंची थी। उसे अंबाला में अपने घर जाना था। सुबह 10 बजे बस अड्डा पर पहुंची लेकिन साढ़े 11 बजे तक भी बस नहीं मिल पाई। काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
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पिहोवा निवासी बालो देवी ने बताया कि परीक्षा के कारण लोकल रूटों पर भी बसें नहीं चलीं। इस कारण काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। एक घंटे तक इंतजार करने के बावजूद बसें नहीं मिलीं। सरकार को आम यात्रियों के लिए भी व्यवस्था करनी चाहिए।
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कैथल में परीक्षा देने पहुंची हिसार निवासी पूजा वर्मा ने कहा कि सरकार ने सीईटी परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र पड़ोसी जिले में बनाने का वायदा किया था लेकिन 150 से 200 किलोमीटर दूर तक केंद्र बनाए गए। इससे परीक्षार्थियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
रोडवेज महाप्रबंधक अजय गर्ग ने कहा कि परीक्षार्थियों के साथ आम यात्रियों का भी ध्यान रखा गया है। जिस प्रकार से परीक्षार्थियों के लिए बसें चलाई गई। उसी प्रकार से समय-समय पर आम यात्रियों के लिए भी बस चलाई गई थी। उन्हें किसी भी प्रकार से परेशानी नहीं झेलनी पड़ी।