संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नई अनाज मंडी की तीन फर्में बुधवार को करीब 40 से 50 किसानों की गेहूं की फसल के करीब 10 करोड़ रुपये रुपये लेकर भाग गईं। दी शिकायत में बताया गया कि आरोपी आढ़तियों ने बिना जे-फार्म भरे ही उनके पास आए गेहूं को सीधा निजी एजेंसी को बेच दिया और रुपये हड़प लिए। इसके बाद किसानों ने रोष स्वरूप आढ़तियों की दुकान पर धरना दिया और रोष जताया।
इन आढ़तियों ने बुधवार की सुबह किसानों को उनकी गेहूं की फसल के रुपये देने के लिए अपने बुलाया था, लेकिन किसानों के आने से पहले ही ये आढ़ती भाग निकले। बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे नाराज किसानों ने गुस्सा जताकर प्रदर्शन किया। साथ ही इन आढ़तियों के खिलाफ नई अनाज मंडी में धोखाधड़ी की शिकायत दी है। धोखाधड़ी के शिकार हुए अधिकतर किसान चंदाना और प्यौदा गांव व इसके आस-पास के क्षेत्र में है।
शिकायत के अनुसार, ये आढ़ती किसी किसान के 35 लाख तो किसी के आठ से 10 लाख रुपये लेकर भागे हैं। इस मामले में इन आरोपी आढ़तियों पर करीब 10 करोड़ रुपये लेकर भागने का आरोप किसानों ने लगाया है। नाराज किसानों ने प्रशासन से आढ़तियों की तलाश कर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान किसानों के समर्थन में कुछ संगठन भी आए हैं।
किसान नेता होशियार गिल ने बताया कि देवीदयाल और रजत कुमार ट्रेडिंग कंपनी से शीशपाल व ऋषिपाल और केशव ट्रेडिंग कंपनी के आढ़तियों ने आई-फार्म तो भरा, लेकिन जे-फार्म नहीं भरा। इसके बाद वे निजी एजेंसी को किसानों का गेहूं बेचकर भाग गए। इसके साथ ही कई किसानों की पिछली फसल के रुपये भी आढ़तियों ने देने थे। वहीं, कुछ ऐसे किसान भी थे, जिन्होंने अपनी जमीन बेची और आढ़ती को यह रुपये कुछ समय के लिए प्रयोग करने के लिए दिए। अब ये आढ़ती इन किसानों की जमीन के रुपये भी ले गए हैं।
ऐसे की गई किसानों के साथ धोखाधड़ी
किसान नेता होशियार गिल ने बताया कि गेहूं बेचने के लिए आढ़ती को आई फार्म और जे-फार्म भरना होता है। आई-फार्म आढ़ती एसोसिएशन की सोसाइटी के पास भेजा जाता है। जे-फार्म भरने के बाद आढ़ती को उसकी कमीशन मिलती है। गेहूं बिक्री का रुपये सीधा आढ़तियों के खाते में जाता है। इन आरोपी आढ़तियों ने आई-फार्म तो भर दिया, लेकिन यह फार्म भरने के बाद सीधा ही निजी एजेंसी को गेहूंं बेच दिया जबकि इसका रुपये स्वयं ले लिए।
इन किसानों से की गई धोखाधड़ी ः रजत डोहर, मेजर सिंह, डोहर, गोपाल प्यौदा, कृष्ण कुमार प्यौदा, सुरेंद्र प्यौदा, कृष्ण किच्छाना, रणधीर खुराना, सुरेश हरसौला, नरेश प्यौदा, नानू राम प्यौदा, बलजीत प्यौदा, दलबीर प्यौदा, रामफल प्यौदा, सलिंद्र प्यौदा आदि।
किसानों की ओर से जानकारी मिली थी कि तीन फर्म उनके लाखों रुपये लेकर भाग गई है। इसके बाद किसानों से बातचीत की गई है। इस संबंध में पुलिस के अधिकारियों से भी बातचीत हुई है। पुलिस की ओर से आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। -नरेंद्र ढुल, मार्केट कमेटी सचिव