संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। फरवरी का आधा महीना बीतने के बावजूद सर्दी का असर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को आसमान साफ रहा और सुनहरी धूप भी खिली, लेकिन उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही 18 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली ठंडी हवाओं ने धूप के असर को पूरी तरह बेअसर कर दिया। तेज हवाओं के कारण दिनभर ठिठुरन का एहसास बना रहा। न्यूनतम तापमान दो डिग्री गिर गया।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को जिले के तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया, जिसमें सबसे अधिक असर न्यूनतम तापमान पर पड़ा। न्यूनतम तापमान पिछले दिन के मुकाबले दो डिग्री सेल्सियस गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे रात और सुबह के समय ठंड का प्रभाव अधिक रहा। वहीं दिन का अधिकतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
हालांकि तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, लेकिन तेज हवाओं के कारण ठंड का प्रभाव ज्यादा महसूस किया जा रहा है। सुबह से ही सूर्यदेव के दर्शन हुए, जिससे लोगों को सर्दी से राहत की उम्मीद थी। दोपहर के समय धूप तेज रही, लेकिन हवा के झोंके चलते ही बदन में कंपकंपी छूटने लगी।
ठंडी हवाएं और गिरता तापमान ः मौसम में आए इस बदलाव का असर जनजीवन के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि तेज और ठंडी हवाओं के कारण वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और गले में संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। नागरिक अस्पताल के विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष रूप से सुबह और शाम के समय ठंड से बचाव करने की सलाह दी है।
आने वाले दो-तीन दिनों तक हवा की रफ्तार इसी तरह बनी रह सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं का असर जारी रहेगा। फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन रात के तापमान में आंशिक गिरावट बनी रह सकती है। -डॉ. रमेश चंद्र वर्मा, मौसम विशेषज्ञ