कैथल। मौसम के तापमान में गिरावट ने लोगों की सेहत पर इसका असर साफ दिखाई देने लगा है। ठंड के कारण मांसपेशियों में जकड़न बढ़ रही है, जिससे अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। नागरिक अस्पताल में जोड़ों, कमर, गर्दन और मांसपेशियों के दर्द के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार ठंड में एकदम रजाई या कंबल से बाहर निकलना कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
खासकर बुजुर्ग मरीज जब लंबे समय तक बिस्तर पर लेटने या बैठने के बाद अचानक खड़े होकर चलते हैं, तो संतुलन बिगड़ने से गिर भी जाते हैं। इससे फ्रैक्चर और पुरानी चोटों के दर्द की समस्या बढ़ रही है। नागरिक अस्पताल में डॉ. हिमांशु ने बताया कि सर्दी के मौसम में रक्त संचार प्रभावित हो जाता है, जिसके कारण मांसपेशियों और जोड़ों में जकड़न बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि ठंड के कारण घुटने, कंधे, गर्दन और कमर दर्द की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
इसके अलावा जिन लोगों को पहले से कोई चोट या हड्डियों से संबंधित समस्या रही है, उनमें दर्द दोबारा उभर रहा है। ऐसे मरीजों को केवल दवाओं पर निर्भर न रहकर फिजियोथेरेपी पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। नियमित हल्की एक्सरसाइज, गुनगुने पानी से सिकाई और शरीर को अचानक झटका देने से बचना जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि सुबह उठते समय धीरे-धीरे शरीर को सक्रिय करें और ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें। सर्दी के मौसम में मांसपेशियों की जकड़न, जोड़ों के दर्द और फ्रैक्चर जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।
ये कर सकते उपाय
- बिस्तर से उठकर गहरी सांस ले ,पांच मिनट वर्मा अप करें ।
- सुबह के समय योग- व्यायाम करें , धूप खिलने पर ही टहलने जाएं ।
- बुजुर्गों के लिए शौचालय में हैंडल लगवाएं । रास्ते में कोई सामान न रखें ।
- चना , गुड़, दूध ,दही, पनीर, हरी सब्जी,सलाद और फल खाएं ।