संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। खेल के मैदान में इन दिनों तकनीक और अनुशासन का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग कोच गुरमीत सिंह उभरते हुए मुक्केबाजों को रिंग की बारीकियां और आधुनिक बॉक्सिंग तकनीकों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में खिलाड़ी न केवल अपनी शारीरिक क्षमता को मजबूत बना रहे हैं, बल्कि खेल की तकनीकी समझ भी विकसित कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके कोच गुरमीत सिंह वर्तमान में युवा प्रतिभाओं को निखारने के मिशन पर जुटे हैं। वे खिलाड़ियों को फुटवर्क, पंचिंग पावर और डिफेंसिव मूव्स के विशेष टिप्स दे रहे हैं। अभ्यास सत्र के दौरान उन्होंने बताया कि बॉक्सिंग केवल शारीरिक शक्ति का खेल नहीं है, बल्कि यह मानसिक सतर्कता और त्वरित निर्णय लेने की कला भी है।
निरंतर अभ्यास के साथ पौष्टिक आहार भी जरूरी
कोच गुरमीत ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए लक्ष्य प्राप्ति में निरंतर अभ्यास के साथ पौष्टिक और संतुलित आहार बेहद आवश्यक है। यही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कड़ी मेहनत ही सफलता की गारंटी नहीं देती, बल्कि अनुशासित जीवनशैली और सही खानपान भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
मुक्केबाजी ऐसा खेल है, जिसमें ताकत, फुर्ती, सहनशक्ति और मानसिक मजबूती चारों का संतुलन जरूरी होता है। इन गुणों को बनाए रखने के लिए शरीर को पर्याप्त पोषण मिलना अनिवार्य है। यदि खिलाड़ी संतुलित और समय पर भोजन करते हैं तो उनका प्रदर्शन बेहतर होता है और चोट लगने की संभावना भी कम रहती है। चोट की स्थिति में भी सही डाइट तेजी से रिकवरी में सहायक होती है।
अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग कोच गुरमीत सिंह ने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे नियमित अभ्यास, संतुलित आहार और पर्याप्त आराम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।