संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शनिवार को लोग सुबह से ही मानसून की बारिश का इंतजार करते रहे। शाम छह बजे तक आसमान में बादल तो छाए रहे, तेज हवाएं भी चलती रही, लेकिन बारिश नहीं हुई। किसान भी पूरा दिन बारिश की बाट जोह रहे थे, लेकिन बारिश नहीं होने से निराशा हाथ लगी।
किसान रघबीर सिंह, प्रदीप कुमार, कर्मा का कहना है कि यदि अब बारिश हो जाए तो धान की फसलों की रोपाई अच्छी होगी और किसानों का खर्च बचेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान सार एक जुलाई तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान 33.1 व न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गौरतलब है कि शनिवार सुबह के समय धूप खिली, जिससे उमस भरी गर्मी बढ़ गई। सुबह 10 बजे आसमान में अचानक बादल छा गए और हवाएं चलने लगी। एक बार तो बारिश होने की स्थिति भी बन गई। लेकिन हवाओं के चलते बादल छट गए और उमस भरी गर्मी ने लोगों को दिनभर परेशान किया। दिनभर लोग पसीने से तरबतर रहे। शाम चार बजे फिर से आसमान में बादल छा गए। लेकिन शाम छह बजे तक बारिश नहीं हुई।
किसानों का हरदीप सिंह, रोहतश, राजेश कुमार का कहना है कि अब बारिश हो जाए, तो प्रत्येक किसान के चार से पांच हजार रुपये का खर्च बच सकता है। बारिश होने से धान की फसलों नाइट्रोजन मिलेगा, जिसके लिए किसान फसलों में खाद डालते हैं। तेज बारिश होने के बाद फसलों में खाद डालने की जरूरत नहीं और पानी भी बचेगा। जिन किसानों के खेत में ट्यूबवेल नहीं है उनको पानी की लिए चार से पांच हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इसलिए सभी किसान बारिश की बाट जोह रहे हैं। हरियाणा के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन अब तक कैथल में बारिश नहीं हुई।
एक जुलाई को दिनभर बादल छाए रहने के साथ साथ गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। -डॉ. रमेश वर्मा, कैथल कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक।
गलियों से गुजरना मुश्किल
राजौंद। नगर में दोपहर शनिवार को बारिश से मौसम में पूरी तरह परिवर्तन आ गया है। जिससे पिछले कई दिनों से भयंकर गर्मी से जूझ रहे लोगों ने राहत महसूस हुई। हालांकि बरसात के बाद धूप निकलने से फिर से गर्मी व उमस का लोगों को सामना करना पड़ा। इससे सुबह का मौसम काफी सुहावना रहा और दोपहर बाद फिर वही तेज धूप का लोगों को सामना करना पड़ा। दुर्गा मंदिर वाली गली वार्ड नंबर आठ की में से तो खाली निकलना भी मुश्किल हो गया। संवाद
हालत यह बन रहे कि लोगों को अपने वाहन घरों में ही रखने पड़े, क्योंकि गली से पैदल भी नहीं निकला जा रहा था। वहीं मुख्य मार्ग पर भी जगह-जगह पानी भरने से वाहन चालकों को बहुत परेशानी झेलनी पड़ी। इस बरसात से गलियों में पानी भरने से लोगों की आवाजाही बंद हो गई और वहीं प्रशासन के पानी निकासी के दावे भी टाय फिस होकर रह गए।