कैथल। लिपिक वर्ग बुधवार को हड़ताल खत्म कर अपने काम पर लौट आए हैं। उधर, सभी विभागों में अपने काम के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। लिपिकों का कहना है जो काम अब तक पेंडिंग है वे उन्हें जल्द से जल्द पूरा करेंगे।
गौरतलब है कि लिपिकों ने वेतन बढ़ोतरी के लिए पांच जुलाई से हड़ताल शुरू की थी। उन्होंने यह भी कहा कि अभी हड़ताल खत्म नहीं की गई है। इसे तीन माह तक स्थगित किया गया है। उनका कहना है कि सरकार के साथ उनकी वार्ता हुई है। इसके बाद प्रदेश स्तरीय कमेटी गठित की गई है। तीन माह बाद सरकार से दोबारा फिर से शिष्टमंडल की वार्ता होगी, इसमें उनकी मांगें पर सुनवाई होनी है। यदि सब ठीक रहा तो बढि़या... नहीं तो दोबारा से हड़ताल करने के लिए मजबूर होंगे।
उधर, क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के जिला प्रधान राजेंद्र ढुल ने कहा कि सरकार से अब तक पांच दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन एक भी सफल नहीं हुई है। पांचवीं वार्ता में लिपिक वर्ग की ओर से 80 पेज का एक मांग पत्र दिया है। उस पर जांच करने के लिए तीन माह का समय दिया गया है। लिपिक वर्ग ने भी तीन माह तक हड़ताल का स्थगित कर अपने काम पर लौटने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनका वेतन 35400 रुपये नहीं करती, वे पीछे नहीं हटेंगे।
लिपिकों की हड़ताल के चलते जमीन संबंधी रजिस्ट्री का कार्य बाधित हो गया। हड़ताल के लगभग 15 दिन बाद रजिस्ट्री का कार्य तहसीलदार करने लगे थे, लेकिन तहसीलदार के पास अन्य काम के चलते 30 से 40 रजिस्ट्री ही प्रतिदिन हो पाती थी। अब दोबारा से लिपिक काम पर लौट गए हैं रजिस्ट्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। लिपिकों के लौटते ही लोग अपने काम पूरे करवाने के लिए विभागों में पहुंचे। लिपिकों के लौटते ही जमीन संबंधित रजिस्ट्रियों के कार्य में भी तेजी आई है। अब प्रतिदिन 70 से 80 रजिस्ट्रियां होने लगेगी, जिससे लोगों को परेशानी नहीं होगी।