संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी हरियाणा के बैनर तले हरियाणा का लिपिक वर्ग लंबे समय से अपनी मांगो को लेकर संघर्षरत हैं। अब सरकार के तहत हुए समझौता के पूरा न होने पर लिपिकों ने फिर से हड़ताल शुरू की है। सोमवार को हड़ताल के पहले दिन आमजन के काम नहीं हुए और उन्हें बिना काम के ही वापस लौटना पड़ा।
जिला स्तर पर प्रतिदिन 100 से 150 रजिस्ट्री होती हैं, जो हड़ताल के कारण नहीं हो सकी। पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले साल भी लिपिक वर्ग ने अपनी मांग मूल वेतन 35400 को लेकर 42 दिन की हड़ताल की थी। 15 अगस्त 2023 को पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की मौजूदगी में सरकार और एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल के बीच समझौता हुआ था कि लिपिक वर्ग की मांग मूल वेतन 35 हजार 400 रुपये के लिए कार्य समीक्षा कमेटी का गठन किया जाएगा। इसमें 42 दिन की हड़ताल के समय में से 35 दिन को ड्यूटी पीरियड माना जाएगा और सात दिन का अर्जित अवकाश काटा जाएगा। बावजूद सरकार ने मांगें नहीं मानी।
बताया कि सोमवार से लिपिक वर्ग के कर्मचारी 12 से 14 अगस्त तक तीन दिन की चेतावनी हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने बताया कि यदि फिर भी सरकार ने लिपिक वर्ग की मांगों को नही माना तो हड़ताल बढ़ाई जा सकती है।