संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कलायत में रिश्वत मांगने के आरोप में एसीबी द्वारा गिरफ्तार किए गए बिजली निगम के लिपिक को निगम ने हटा दिया है। आरोपी लिपिक ठेका प्रथा पर कार्यरत था, इसलिए उसे निलंबित या टर्मिनेट नहीं किया गया, लेकिन विभागीय आदेशों के अनुसार अब वह स्पष्ट जांच निष्कर्ष आने तक निगम में कार्य नहीं कर सकेगा।
बिजली निगम के एसई सोमवीर भलोटिया ने बताया कि आरोपी को हटा दिया गया है और इस संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचित किया जा
चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब तक मामला स्पष्ट नहीं होता, आरोपी को कार्य पर नहीं रखा जाएगा। भविष्य में निगम ही तय करेगा कि उसे दोबारा नियुक्त किया जाए या नहीं।
गौरतलब है कि गत 1 अगस्त को जींद एसीबी की टीम ने कलायत निवासी बिजली निगम के एलडीसी गुलाब सिंह को 22 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। शिकायत गांव बालू निवासी सुनील कुमार ने दी थी।
शिकायत में बताया गया था कि उनके चाचा के लड़के हरदीप का बिजली कनेक्शन अधिक बिल आने के कारण काट दिया गया था। सरकारी योजना के तहत बिल संशोधित कराने के लिए एलडीसी गुलाब सिंह ने सुनील से 22 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायतकर्ता ने 30 जुलाई को पहली किस्त के रूप में 8,500 रुपये दिए। इनमें से 3,600 रुपये का बिल जमा कर गुलाब ने रसीद काटी, जबकि शेष 4,900 रुपये अपने पास रख लिए। इसके बाद गुलाब ने शेष 17 हजार रुपये एक अगस्त को लाने को कहा।
इस पर एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुमित कुमार की उपस्थिति में सुनील को रंग लगे नोटों के साथ भेजा। जैसे ही गुलाब सिंह ने पैसे लिए, टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है।
इस मामले के बाद आरोपी का एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें वह एक अन्य उपभोक्ता से 55 हजार रुपये की रिश्वत मांगते हुए सुनाई दे रहा है। हालांकि वीडियो में उसका चेहरा स्पष्ट नहीं दिखा, लेकिन आवाज से पहचान की पुष्टि हुई है।