कैथल। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की लंबी हड़ताल समाप्त होने के बाद आखिरकार शहर की चरमराई सफाई व्यवस्था पटरी पर लौटने लगी है। कर्मचारी अपने काम पर लौट आए हैं और सड़कों, बाजारों और गलियों की सफाई का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। हालांकि इतने दिनों से ठप पड़ी व्यवस्था के कारण शहर की सूरत पूरी तरह बिगड़ चुकी है। वर्तमान में शहर के विभिन्न हिस्सों में करीब 400 टन कचरा जमा है, जिसे पूरी तरह साफ करने में अभी कुछ दिनों का समय लगेगा।
अपनी विभिन्न मांगों के लिए सफाई कर्मचारी पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। कर्मचारी 14 मई तक पूर्ण रूप से काम बंद कर नगर परिषद कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़कर धरने पर बैठे हुए थे। इस दौरान न तो शहर से कूड़ा उठाया गया और न ही प्रशासनिक कार्य हो सके। हड़ताल के कारण नगर परिषद का पूरा कामकाज ठप हो गया था जिससे आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी।
कचरे के ढेरों से बदहाल व्यवस्था
इतने दिनों तक सफाई न होने के कारण शहर के मुख्य चौराहों, रिहायशी इलाकों और मुख्य बाजारों में जगह-जगह कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए। कई जगहों पर कूड़ा सड़कों पर फैलने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों का निकलना दूभर हो गया। हवा चलने पर यह प्लास्टिक और गंदगी उड़कर दुकानों व घरों में घुस रही थी जिससे महामारी फैलने का खतरा भी मंडराने लगा था। अब कर्मचारियों के काम पर लौटने से डंपिंग स्टेशनों तक कचरा पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सफाई कर्मी संगठन के पदाधिकारी विकी टांक ने कहा कि कर्मचारियों की तरफ से सफाई का काम तेज गति से किया जा रहा है।
धरना हटने से प्रशासनिक काम भी हुए बहाल
नगर परिषद के मुख्य गेट से कर्मचारियों का धरना हटने और ताला खुलने के बाद सबसे बड़ी राहत आम जनता को मिली है। पिछले कई दिनों से लोगों के प्रॉपर्टी आईडी, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, एनओसी और मैरिज रजिस्ट्रेशन जैसे जरूरी काम बीच में ही लटके हुए थे। गेट खुलने के साथ ही कार्यालय के अधिकारी और क्लर्क अपनी सीटों पर लौट आए हैं जिससे जनता के अटके हुए प्रशासनिक कार्यों ने दोबारा गति पकड़ ली है।
अंबाला रोड पर लगे कचरे के ढेर।