जानकारी देते केसीपुरी व मनदीप कौर
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हरियाणा एवं पंजाब हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एवं क्लेम कमिश्नर केसी पुरी ने कहा कि फरवरी 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए सरकारी व निजी संपत्ति के नुकसान के आकलन के लिए वे नियुक्त किए गए हैं। इस आंदोलन के दौरान हुए नुकसान के बारे में दावे व क्लेम के आवेदन 30 सितंबर तक जमा करवा सकते हैं। कैथल जिला के लिए कैथल की एसडीएम मनदीप कौर को क्लेम के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कोई भी व्यक्ति क्लेम आवेदन जिला नोडल अधिकारी के कार्यालय में निर्धारित तिथि तक जमा करवा सकता है।
केसी पुरी बुधवार को पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जिन लोगों को नुकसान हुआ था वे व्यक्ति प्रमाण सहित क्लेम आवेदन जमा करवा सकते हैं। कोई भी व्यक्ति जिन्हें किसी भी प्रकार का नुकसान हुआ था, वे लोग कैथल के एसडीएम कार्यालय में 30 सितंबर तक किसी भी कार्य दिवस पर सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक क्लेम आवेदन जमा करवा सकते हैं। व्यक्ति क्लेम आवेदन सीधा चंडीगढ़ मुख्यालय भी भेज सकते हैं। क्लेम आवेदन के साथ व्यक्ति को हुए नुकसान का प्रमाण साथ लगाकर जमा करवाना होगा।
पुरी ने कहा कि क्लेम आवेदन प्राप्त करने के लिए अब तक छह जिलों का दौरा किया जा चुका है। जिनमें झज्जर, रोहतक, सोनीपत, हिसार जींद तथा कैथल शामिल हैं। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि जिन लोगों ने क्लेम के लिए आवेदन किए हैं। उन्हें मुआवजे के तौर पर राज्य सरकार द्वारा राशि उपलब्ध करवाई जा रही हैं। अब तक