महिलाओं के सिर से पानी का बोझ उतारने के दावे कलायत विधानसभा के ग्रामीण अंचल में दम तोड़ रहे हैं। गांव कमालपुर में घरों में स्वच्छ जल न पहुंचने के कारण महिलाओं को दूर-दराज से पेयजल का प्रबंध करना पड़ रहा है। सुबह से शाम तक पानी की एक-एक बूंद के लिए महिलाओं को अनगिनत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कृष्णा, किरण, कविता, बाला और रीटा का कहना है कि घरों में जन स्वास्थ्य विभाग की जो सप्लाई तीसरे दिन आती है वह पानी भी पीने योग्य नहीं है। गांव की पेयजल योजना खुद बदहाली का शिकार बनकर रह गई है। योजना टैंक पर जो सार्वजनिक नल लगे हैं उन पर फटे पुराने कपड़ों को बांधकर जल रिसाव रोकने का प्रयास किया जा रहा है। शुद्ध जल और स्वच्छता के दावे यहां दम तोड़ रहे हैं। ग्रामीण अपने स्तर पर हैंडपंप लगवाकर पीने के पानी की व्यवस्था बनाने में लगे हैं। महिलाओं का कहना है कि जब हैंडपंप खराब हो जाता है तो उन्हें पड़ोस के गांव से पानी लेकर आना पड़ता है। जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ सुरेंद्र दलाल ने बताया कि ग्रामीणों को समस्या है तो निरीक्षण करते हुए जल्द समाधान किया जाएगा।