संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। स्वास्थ्य विभाग के नाम जमीन न होने की वजह से जिला नागरिक अस्पताल को अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं मिल पाई है। ऐसे में जमीन नाम करवाने के लिए विभाग की ओर से फाइल को मुख्यालय में भेजा गया था। अब जल्द ही यह फाइल मुख्यालय से वापस कैथल पहुंचेंगी, क्योंकि काफी समय पहले ही जमीन नाम करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी।
गौरतलब है कि जब तक अस्पताल की जमीन विभाग के नाम नहीं होगी, तब तक यहां पर फायर फाइटिंग सिस्टम शुरू नहीं होगा। जिला नागरिक अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम निर्माण पूरा होने के बावजूद यह चालू नहीं किया जा सका है। ऐसे में अस्पताल में आग से निपटने के लिए प्रबंध नहीं है।
दरअसल, अस्पताल की जमीन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के नाम है। नागरिक अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम का काम करीब छह महीने पहले ही पूरा हो चुका है। इस पर करीब एक करोड़ रुपये की लागत आई थी।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों अनुसार जमीन अस्पताल के नाम होने की प्रक्रिया को शुरू किया गया है। यह काम जल्द ही पूरी हो जाएगा। इसके बाद अस्पताल के नाम हो जाएगी। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही फायर बिग्रेड से फायर की एनओसी मिल सकेगी। तब आगे काम होगा।
एक करोड़ रुपये से हुआ है फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने का काम : फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने का काम लोक निर्माण विभाग की ओर से करीब एक करोड़ रुपये की लागत किया गया है। यह कार्य वर्ष 2022 की शुरूआत में शुरू किया गया था, जो इसी साल के अप्रैल में पूरा हुआ है। यहां पर विभाग की ओर से फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने के तहत पाइप लाइन तो डाल दी गई थी। परंतु पानी की टैंक का निर्माण कार्य बाकी था। इसे भी करीब पांच महीने पहले ही पूरा किया गया है। लोक निर्माण विभाग ने अस्पताल में आग से निपटने के लिए प्रबंध किए गए हैं।
इसके तहत अस्पताल में प्रत्येक वार्ड से लेकर कमरे तक पानी की पाइपलाइन पहुंचाई गई है। जिससे आग लगने की स्थिति में काबू पाया जा सके। परंतु अभी तक फायर की एनओसी न मिलने की स्थिति में यह परियोजना की अधर में लटक गई है।
जिला नागरिक अस्पताल में आग से निपटने के लिए फायर की एनओसी अस्पताल की जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम न होने के कारण नहीं मिल रही है। इसको लेकर आला अधिकारियों की ओर से जमीन नाम करवाने के लिए प्रक्रिया जारी है। जमीन नाम होते ही एनओसी मिल जाएगी। इसके बाद फायर फाइटिंग सिस्टम शुरू कर दिया जाएगा। -डॉ. सचिन मांडले, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, कैथल।