कैथल। नगर परिषद कार्यालय ने ठेकेदारों के ढुल-मुल रवैये पर सख्त रुख अपना लिया है। अब ठेकेदारों की मनमर्जी नहीं चलेगी। वे टेंडर लेकर कई-कई माह तक देरी से काम शुरू नहीं कर पाएंगे। इसके लिए सभी ठेकेदारों को एक सामान्य आदेश जारी किया है। इसमें न केवल समय पर काम शुरू करने बल्कि बिल प्रस्तुत करने में भी हो मनमानी चल रही है, उस पर भी रोक लगा दी गई है।
नगर परिषद कार्यालय में पंजीकृत कई ठेकेदार टेंडर लेकर कई-कई माह तक काम पूरा नहीं करते। जब काम पूरा करने का समय आता है, तब किश्तों में बिल के लिए दावा करते हैं। इससे न केवल नगर परिषद अधिकारियों व कर्मचारियों का काम प्रभावित होता है, बल्कि जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
नवंबर माह में सभी 31 वार्डों के लिए 15-15 लाख रुपये के मरम्मत के टेंडर लगाए थे। कई वार्डों में तो ये टेंडर अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। इन ठेकेदारों को कई-कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद काम अधूरे हैं। इसके अलावा नगर परिषद कार्यालय में एक ओर प्रथा प्रचलित है। इसमें ठेकेदार दस, पंद्रह या बीस प्रतिशत तक का बिल तैयार करके फाइल उठाए नगर परिषद कार्यालय में घूमते रहते हैं। अब कम से कम 25 प्रतिशत काम पूरा होने पर ही बिल पास किया जाएगा।
नगर परिषद कार्यालय ने सभी ठेकेदारों को जारी निर्देश में कहा है कि बिल प्रस्तुत करने का जो नियम टेंडर में निर्धारित है, उसी अनुसार कम से कम 25 प्रतिशत, 50, 75 या फिर काम पूरा होने पर 100 प्रतिशत बिल ही एजेंसी प्रस्तुत करेगी। अन्यथा बीच में प्रस्तुत किए जाने वाले बिल को स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही समय पर काम पूरा न करने पर भी अधूरे बिल को रद्द कर दिया जाएगा।
नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता रवि ऑबराय ने बताया कि कैथल में देखने में आ रहा है कि ठेकेदार दस, 15 या 20 प्रतिशत तक भी बिल प्रस्तुत कर रहे हैं। कई ठेकेदारों को काम पूरा न करने, काम शुरू न करने पर नोटिस जारी किए हैं। इससे काम समय पर पूरा नहीं होता, साथ ही जनता को भी परेशानी होती है। इसीलिए अब सभी ठेकेदारों को निर्देश जारी किया है कि वे टेंडर छूटते ही निर्धारित अवधि में काम शुरू करवाएं। समय पर काम पूरा करें। अब 25, 50, 75 या फिर 100 प्रतिशत काम पूरा होने पर ही बिल को पास किया जाएगा। अन्यथा बिल अस्वीकार किए जाएंगे। सभी फर्मों को कहा गया है कि समय पर काम शुरू करके, इसे समय पर ही पूरा करें।