कैथल। अनुशासनहीनता का हवाला देकर वीरवार को एसपी उपासना ने हेड कांस्टेबल सुनील संधु व नशा मुक्ति जागरूकता की टीम को लाइन हाजिर कर दिया। बता दें कि दो दिन पहले हैड कांस्टेबल सुनील संधु ने फेसबुक पेज पर पोस्ट व लाइव आकर डीएसपी ललित पर आरोप लगाए थे। हेड कांस्टेबल ने लिखा था कि मुझे धमकियां मिल रही है। उन्होंने कुछ नशा करने वालों को पकड़ा था और सिटी थाने में लाए थे। पकड़े गए लोगों से जिस समय पूछताछ की जा रही थी उस समय अंदर कोई नहीं था। उसके बाद अधिकारियों ने उसे कहा कि सुनील संधु ने यह वीडियो और जानकारी मीडिया को दी है, जबकि उसने कोई वीडियो किसी को नहीं भेजा। सुनील संधु की भावुक पोस्ट के बाद प्रदेश में उन्हें विभिन्न सामाजिक लोगों का समर्थन मिल रहा है। वीरवार की सुबह सुनील संधु की एक निजी अस्पताल में दाखिल होने की फोटो भी सोशल मीडिया पर सामने आई है। लोगों का कहना है कि मानसिक प्रताड़ना के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी है। सिटी थाने से जुड़े इस पूरे प्रकरण की जांच डीएसपी. गुरविंद्र सिंह कर रहे हैं।
पुलिस विभाग ने निर्देशित किया कि कोई भी कर्मचारी वर्दी में सोशल मीडिया पर वीडियो साझा नहीं कर सकता है। पुलिस ने पहले ही वीडियो बनाने पर पाबंदी लगाई थी। पुलिस नियमों के मुताबिक, कोई भी कर्मचारी सोशल मीडिया के जरिए आय अर्जित नहीं कर सकता, जबकि संधु पर लगातार वीडियो डालने के आरोप थे। प्रशासन का कहना है कि यदि कोई शिकायत थी, तो उसे उच्चाधिकारियों को लिखित में देना चाहिए था, न कि सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करना चाहिए था।
बालू खाप आई समर्थन में
हेड कांस्टेबल सुनील संधु के समर्थन में बालू खाप कूद गई है। उन्होंने वीरवार को गांव किच्छाना में बैठक की। बैठक की अध्यक्षता बालू खाप के प्रधान बीरा राम ने की। खाप प्रवक्ता प्रवीन किच्छाना ने कहा कि सुनील संधु तिरंगा यात्रा, पौधरोपण और गरीब बेटियों की शादी जैसे नेक कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि डीएसपी ललित यादव के साथ चल रहे विवाद की निष्पक्ष जांच हो। यदि सुनील को न्याय नहीं मिला, तो खाप सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगी।
पुलिस प्रवक्ता प्रवीण श्योकंद ने बताया कि एसपी के आदेश अनुसार अनुशासनहीनता के चलते नशा मुक्ति जागरूकता की पूरी टीम को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले में गहनता से जांच चल रही है। रिपोर्ट में आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगामी कार्रवाई होगी।