संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पाडला गांव के सरकारी स्कूल में 10वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा से एक अध्यापक पर छेड़छाड़ का आरोप लगाए जाने के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार सुबह स्कूल के विद्यार्थियों ने आरोपों को निराधार बताते हुए विरोध दर्ज कराया और स्कूल गेट पर ताला जड़कर कक्षाओं का बहिष्कार किया।
सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी सनेष कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और नाराज विद्यार्थियों को समझाकर लगभग आधे घंटे बाद गेट खुलवाया। विद्यार्थियों ने मांग की कि निर्दोष अध्यापक के खिलाफ दर्ज केस वापस लिया जाए और स्कूल में कथित आंतरिक राजनीति में शामिल अन्य शिक्षकों के खिलाफ जांच हो।
राजनीतिक साजिश का आरोप ः विद्यालय की कुछ छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर बयान दिए कि आरोपी अध्यापक ने कोई अनुचित हरकत नहीं की है। उनका कहना है कि स्कूल के कुछ अन्य शिक्षक आपसी रंजिश के चलते छात्रा को ढाल बनाकर अध्यापक को फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच और राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त वातावरण की मांग की।
स्कूल में हुई पंचायत ः शिकायत के बाद स्कूल प्रबंधन कमेटी की ओर से दोनों पक्षों के बीच पंचायत भी करवाई गई थी, लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई। अंततः छात्रा के परिवार ने महिला पुलिस थाने में लिखित शिकायत दी। इसके बाद डीएसपी सुशील प्रकाश एवं महिला थाना पुलिस की टीम ने स्कूल पहुंचकर छात्रा के बयान दर्ज किए।
उधर, डीएसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी।
छात्रा का आरोप : लैब में की गई छेड़छाड़
उधर, शिकायतकर्ता छात्रा ने आरोप लगाया है कि 16 जुलाई को लैब में अंग्रेजी पढ़ाने वाले अध्यापक ने उसके साथ छेड़छाड़ की। वहीं, आरोपी अध्यापक ने आरोपों को नकारते हुए दावा किया कि छात्रा लैब में अश्लील वीडियो देख रही थी, और जब उसे रोका गया, तो उसने धमकी दी कि वह फर्जी शिकायत करेगी।