गमला बनाने की विधि सीख्ाते बच्चचे
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कोठी गेट स्थित बाल उपवन आश्रम में रह रहे बच्चों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों को गमला बनाने की विधि सिखाई गया। कार्यशाला का शुभारंभ बालकल्याण समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सैनी ने किया। बच्चों ने इस कार्यशाला में बढ़ चढ़ कर भाग लिया।
बाल उपवन आश्रम के प्रबंधक अजय श्रीवास्तव की देखरेख में बच्चों ने गमला बनाने के गुर सीखे। उन्होंने बताया कि सबसे पहले सीमेंट, कोरसेंट का एक अनुपात तीन का मिश्रण तैयार करते हैं और फिर सांचे में मिश्रण डालकर गमले का रूप दिया जाता है। उसके पश्चात गमले को कुछ दिन सूखने के लिए छोड़ दिया जाता है ताकि वह अच्छे से जमकर पक्का हो जाए। तैयार गमले पर पौधा लगाने के साथ ही हम रंग करके उसे और अधिक सुंदर बना सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि आज की इस कार्यशाला में बच्चों ने रोचकता से साथ भाग लिया। कार्यशाला में बच्चों को गमले में पौधा लगाने के लिए आवश्यक मिट्टी, खाद-पानी को तैयार करने के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। बच्चों ने कार्यशाला में स्वयं अपने हाथों से गमला तैयार किया और तैयार गमलों पर रंग भी किया।
सुरेंद्र सैनी ने बच्चों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि संस्था द्वारा इस तरह की कार्यशाला का आयोजन एक सराहनीय व अतुलनीय प्रयास है। इससे बच्चे अपने समय का सदुपयोग करते हुए नई-नई चीजें सीखेंगे और जीवन में आगे बढे़ंगे। इस अवसर पर सनातन धर्म मन्दिर सभा के प्रधान रवि भूषण गर्ग ने बताया कि पिछले सप्ताह की भांति इस सप्ताह भी हमने बच्चों के लिए गमला बनाने की विधि सीखने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया है। इस अवसर पर सभा के कोषाध्यक्ष प्रेम सिंगला और चन्द्र प्रकाश गोयल, सुंदर बंस%