कैथल। घने कोहरे के कारण जिले से गुजरने वाली अधिकांश ट्रेनें अपने निर्धारित समय से लगातार देरी से चल रही हैं। कई ट्रेनें दो से तीन घंटे, जबकि कुछ ट्रेनें इससे भी अधिक समय तक लेट हो रही हैं। कोहरे की वजह से बिगड़ा रेल शेड्यूल ठीक नहीं हो पा रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनों के इंतजार में यात्रियों को सर्द रातें प्लेटफार्म पर ही गुजारनी पड़ रही हैं। ट्रेनें समय पर न आने के कारण यात्री घंटों तक प्लेटफार्म पर ठिठुरते रहते हैं, वहीं ट्रेनें और अधिक देरी से पहुंच रही हैं। घने कोहरे में सिग्नल दिखाई न देने पर लोको पायलट को पटाखों के जरिए संकेत दिए जा रहे हैं। इसके अलावा रेलवे कर्मचारियों को ट्रैक पेट्रोलिंग में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कोहरे और धुंध के चलते रेल यातायात व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। बीते कई दिनों से रात और अल सुबह चलने वाली ट्रेनें रास्ते में कई बार लूप लाइन में खड़ी की जा रही हैं, जिससे अन्य ट्रेनों की समय-सारिणी भी प्रभावित हो रही है। संवाद
अंब-अंदौरा एक्सप्रेस और साबरमती बीजी एक्सप्रेस घंटों तक लेट हो जाती हैं। इसके कारण लंबी दूरी के यात्रियों की कनेक्टिंग ट्रेनें छूट जाती हैं और उन्हें मजबूरी में महंगे किराये पर बसों से अपने गंतव्य तक जाना पड़ता है।
शनिवार को ये ट्रेनें रहीं लेट
शनिवार को रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनें घंटों लेट रहीं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
सुबह साढ़े तीन बजे आने वाली 19411 दौलतपुर चौक एक्सप्रेस 42 मिनट की देरी से 4 बजकर 11 मिनट पर पहुंची।
वहीं 64563 रायपुर–हरियाणा पैसेंजर करीब चार घंटे की देरी से सुबह पौने 12 बजे पहुंची।
इसके अलावा 54038 जींद–कुरुक्षेत्र पैसेंजर भी लगभग एक घंटे की देरी से स्टेशन पर पहुंची।
स्टेशन अधीक्षक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि घने कोहरे के कारण ट्रेन संचालन प्रभावित हो रहा है, जिससे देरी लगातार बनी हुई है।