तलाई बाजार में दुकान पर रखे टेडी बियर
कैथल। मोबाइल फोन और डिजिटल गैजेट्स के बढ़ते उपयोग ने बच्चों की दुनिया पूरी तरह बदल दी है। कभी जिन गलियों और बाजारों में खिलौनों की दुकानों पर बच्चों की चहल-पहल रहती थी, आज वहां सन्नाटा पसरा नजर आता है। मोबाइल गेम्स, वीडियो और सोशल मीडिया के आकर्षण में उलझे बच्चे अब पारंपरिक खिलौनों से दूर होते जा रहे हैं, जिसका सीधा असर खिलौना कारोबार पर पड़ रहा है। बाजार में खिलौनों की दुकान चलाने वाले दुकानदार प्रदीप ने बताया कि पहले स्कूल की छुट्टियों के दौरान उनकी दुकान पर अच्छी खासी भीड़ रहती थी। माता-पिता अपने बच्चों के लिए खिलौने खरीदने में खास रुचि लेते थे। लेकिन ,अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अब ग्राहक बहुत कम आते हैं और जो आते भी हैं, वे केवल देखकर चले जाते हैं। बिक्री में पहले के मुकाबले भारी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदीप ने बताया कि उनकी दुकान पर मिलने वाले टेडी बियर की कीमत 250 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक है, लेकिन इसके बावजूद खरीदार कम हो गए हैं।
बच्चों के हाथ में जल्दी मोबाइल आ जाने से उन्हें खिलौनों में अब पहले जैसा आकर्षण नहीं दिखता। वहीं, माता-पिता भी बच्चों को व्यस्त रखने के लिए मोबाइल देना आसान विकल्प समझते हैं। आसपास के दुकानदार सुरेश , अमित का कहना है कि इसका असर बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी पड़ रहा है, क्योंकि वे रचनात्मक और शारीरिक खेलों से दूर होते जा रहे हैं। खिलौना कारोबार से जुड़े लोगों को चिंता है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में पारंपरिक खिलौनों का बाजार और अधिक सिमट सकता है।