संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। नगर के वार्ड नंबर चार में 11 वर्षीय आर्यन डीएमडी मस्कुलर डिस्ट्राफी जैसी घातक बीमारी से ग्रस्त हैं। जब वह पांच साल का था तो परिजनों को इसका पता चला था। परिजन अपने बच्चे को इस बीमारी से छुटकारा दिलाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने कई जगह गुहार लगाई। उन्होंने सरकार से भी मांग की, लेकिन कोई भी व्यवस्था नहीं बन सकी।
इस बीमारी के उपचार में जो टीका लगाया जाता है उसकी कीमत 16 करोड रुपये है। ऐसे में परिवार ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सैनी से बेटे के इलाज में मदद की गुहार लगाई है। 11 वर्षीय आयरन के पिता सुरेंद्र ने बताया कि बीमारी से ग्रस्त आयरन उठ व बैठ भी नहीं सकता।
सुरेंद्र के मुताबिक जब आर्यन पांच साल का था तब वह एक एड़ी उठाकर चलने लगा। इसके बाद दोनों पैरों में यह दिक्कत आने लगी। उन्होंने डॉक्टर को दिखाया तो उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ में दिखाने के लिए गए तो वहां से टेस्ट करवाए गए, तो खून के टेस्ट में डॉक्टर ने डीएमडी बीमारी बताई। उसने बताया कि फिर दिल्ली में दिखाया गया तो वहां पर भी डॉक्टरों ने डीएमडी बताया और अब वह उठ बैठ भी नहीं सकता। उसने कहा कि डॉक्टर कहते हैं कि कुछ वर्ष बाद यह लड़का बेड पर आ जाएगा। बाद में कभी लीवर व किडनी पर भी इसका असर पड़ने लगेगा।
उसे न सरकारी सहायता मिली और न ही आयुष्मान कार्ड बीपीएल कार्ड है। सरकार से मांग करते हुए पीड़ित के पिता ने कहा कि लड़के के इंजेक्शन लगाने में उसकी मदद की जाए, ताकि उसका जीवन बच सके।