कैथल। हरियाणा राज्य बाल अधिकार आयोग के सदस्य मांगेराम एवं सदस्य मीना शर्मा ने कैथल जिले में दो दिवसीय दौरा किया। पहले दिन टीम के सदस्य गांव पाडला के सरस्वती विद्या मंदिर प्राइवेट स्कूल का और गांव गुहणा के प्राथमिक व वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल पहुंचे और निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने प्रथम दिन उन्होंने लोगों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया। ये जानकारी जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रदीप कुंडू ने दी।
उन्होंने बताया कि आयोग के सदस्यों ने स्कूली बच्चों की समस्या सुनकर संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का जल्द निपटान और स्कूल स्टाफ को बच्चों की सुरक्षा के बारे में भी आवश्यक निर्देश दिए। टीम की सदस्य मीना शर्मा ने कहा कि स्कूल के अंदर बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ बच्चों के घर से लेकर स्कूल आने जाने के लिए प्रयोग की जा रही स्कूल बस या अन्य साधनों में भी बच्चों की सुरक्षा अति आवश्यक है। प्रबंधन के अधिकारी समय-समय पर मानकों की जांच करें और कमियों को दूर करें ताकि स्कूल बस के अंदर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। आयोग के सदस्यों के ने दौरे के दूसरे दिन कैथल शहर में बाल उपवन आश्रम में एक दिवसीय कार्यशाला का भी आयोजन किया। सनातन धर्म मंदिर कार्यशाला के दौरान बच्चों से संबंधित विभिन्न विभाग जैसे जिला बाल सुरक्षा इकाई, चिकित्सा विभाग, विशेष किशोर पुलिस इकाई, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, शिक्षा विभाग, बाल विवाह निषेध इकाई आदि विभागों के अधिकारियों की बैठक ली और बच्चों से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। जिला बाल संरक्षण इकाई और जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में कानूनी साक्षरता दिवस के उपलक्ष्य पर बच्चों से संबंधित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोग के दोनों सदस्य इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रदीप कुंडू ने की। इस कार्यक्रम में प्राधिकरण की और पैनल एडवोकेट एवं सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड, कैथल अरविंद खुरानिया मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल हुए। इस मौके पर डीएसपी सुशील, प्रवीन कुमार, अनिल अग्रवाल, राणा बसंल, वीना सेठी, रवि भूषण गर्ग, ललित, अशोक, अनुज कुमार, कोमल, सुरेश, निलिमा, रविंद्र, अनिल, सोनू व अमरजीत मौजूद रहे।