कैथल। अक्षय तृतीया के मद्देनजर जिला प्रशासन ने बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर रोक लगाने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में जिला बाल संरक्षण एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी सुनीता शर्मा ने भट्ठा मालिकों के साथ बैठक कर बाल विवाह रोकने में सहयोग का आह्वान किया।
बैठक में सुनीता शर्मा ने बाल विवाह के दुष्प्रभावों और इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक बुराई है बल्कि यह कानूनन दंडनीय अपराध भी है, जिसमें सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने भट्ठा मालिकों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाएं और बाल विवाह की रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही निर्देश दिए कि किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दी जाए।
इस अवसर पर बाल कल्याण समिति के चेयरमैन भीम सेन अग्रवाल और सदस्य पुरुषोत्तम शर्मा ने भी बाल संरक्षण के महत्व पर अपने विचार रखे। वहीं एमडीडी ऑफ इंडिया के जिला समन्वयक अशोक कुमार और सीएसडब्ल्यू दीपक ने भी जागरूकता से जुड़ी जानकारी साझा की। बैठक में भट्ठा एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश जैन सहित अन्य भट्ठा मालिक उपस्थित रहे। संवाद