संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा 25 अक्तूबर से शुरू होगा। चार दिवसीय छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय के साथ होगी। 26 अक्तूबर को खरना, 27 अक्तूबर को डूबते सूर्य को अर्घ्य और 28 अक्तूबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा का समापन होगा। 27 अक्तूबर को बनारस से आए पंडितों की ओर से खारून मैया की महाआरती का आयोजन किया जाएगा।
छठ महापर्व आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि समिति ने इस वर्ष छठ पूजा को भव्यता और उत्साह के साथ मनाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि कैथल शहर में छठ पर्व की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। छठ पर्व सेवा समिति और माता समिति पिछले 14 वर्षों से इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाती आ रही हैं। पंडित जयराम शर्मा ने बताया कि 27 अक्तूबर की शाम और 28 की सुबह भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। हजारों लोग जींद रोड और नवग्रह कुंड पर माता गेट पर पहुंचेंगे। 23 अक्तूबर को भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस पर्व में महिलाओं के साथ पुरुष भी निर्जला व्रत करते हैं। 25 अक्तूबर को नहाय-खाय से व्रती का साधा भोजन—दाल, चावल और लौकी की सब्जी—का सेवन किया जाएगा और घर की सफाई की जाएगी। 26 अक्तूबर को खरना आयोजित होगा, जिसमें व्रतधारी दिनभर व्रत कर शाम को खीर और पूरी का सेवन करेंगे और 36 घंटे के निर्जला व्रत का संकल्प धारण करेंगे। अंत में 28 को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाएगा।