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Kaithal News: चेन्नई के दंपती ने दो बच्चियों को लिया गोद

Thu, 28 Mar 2024 04:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। एक ओर जहां बेटियों को पराया समझा जाता है तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बेटियों को बेटों से भी बढ़कर प्यार करते हैं। कुछ ऐसा ही कैथल के श्री सनातन धर्म सभा की ओर से संचालित बाल उपवन आश्रम स्पेशल एडोप्शन एजेंसी में देखने में मिला। यहां बुधवार को चेन्नई के दंपती धर्मदेव और वैष्णवी दंपती ने वहां पल रही दो जुड़वां बच्चियों को गोद लिया। उन्हें यह एडोप्शन महिला एवं बाल विकास विभाग के नियमानुसार दिया गया।

दोनों बहनों को बुधवार को संस्था के प्रधान रविभूषण गर्ग व अन्य सदस्यों की मौजूदगी में उनके भावी माता-पिता को सौंपा। बेटियों को पाकर दंपती खुशी से फूले नहीं समा रहे थे। इस अवसर पर रमेश बंसल, प्रेमचंद सिंगला, सोनिया, जीतो ,सुरेश, प्रिंस शर्मा, ललित मौजूद थे। सभा के प्रधान रविभूषण गर्ग ने बताया कि सभा की ओर से महिला एवं बाल विकास विभाग हरियाणा के सहयोग से मंदिर प्रांगण में विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी चलाई जा रही है। इसमें समाज के लोगों की ओर से ठुकराए नौनिहालों को आश्रय दिया जाता है। यहां न केवल कैथल बल्कि आसपास के आठ जिलों से बच्चों को रखा जाता है बल्कि नियमानुसार यहां पर बच्चों का पालन पोषण व उनकी पढ़ाई करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि सभा बाल उपवन आश्रम करीब 14 सालों से चला रहा है। बाल उपवन आश्रम विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी के माध्यम से 60 से अधिक बच्चों को गोद दिया जा चुका है।
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प्रधान रविभूषण गर्ग ने बताया कि उनका एकमात्र ही उद्देश्य है कि किसी भी नवजात को जीवनदान दिया जा सके। उन्होंने सभा के कार्यालय के बाहर पालना लगाया है। इस पालने में कोई भी व्यक्ति या महिला जो बच्चे को पालन पोषण करने में असमर्थ है तो वह बिना अपनी पहचान बताए बच्चे को इसमें छोड़ सकती है।
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गोद लेने की ये है प्रक्रिया

जो भी माता-पिता या अकेले बच्चों को गोद लेना चाहते हैं। वे विभागीय केरिंग पोर्टल पर स्वयं को पंजीकृत करवाते हैं। इसके लिए निर्धारित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। फिर विभागीय टीम अभिभावक की फिजिकल वेरिफिकेशन करती है तथा सही पाए जाने पर रिपोर्ट अपलोड करती है। इसके बाद संबंधित माता-पिता का नाम प्रतीक्षा सूची में आ जाता है। नौनिहालों की उपलब्धता के आधार पर जैसे ही अभिभावक की वेटिंग लिस्ट पूरी होती है तो उसे बच्चा गोद दिया जाता है।
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