संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लघु सचिवालय स्थित सभागार में शुक्रवार को जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति की बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त प्रीति ने की। उन्होंने नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने और अवैध रूप से नशा बेचने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीसी प्रीति ने स्वास्थ्य विभाग और जिला ड्रग कंट्रोलर को निर्देश दिए कि मेडिकल स्टोरों पर डिकॉय ग्राहक (फर्जी ग्राहक) भेजकर औचक चेकिंग की जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बिना डॉक्टर की पर्ची के किसी को नशीली दवाएं न दी जा रही हों। साथ ही, उन्होंने पुलिस विभाग को कहा कि अवैध खुर्दो (नशे के ठिकानों) की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए और उन्हें बंद करवाया जाए।
उन्होंने कहा कि ड्रग्स और नशीले पदार्थों का सेवन न केवल व्यक्ति के लिए, बल्कि समाज के लिए भी बेहद घातक है। इससे निपटने के लिए सभी विभागों के बीच आपसी तालमेल बेहद जरूरी है।
उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों में नियमित रूप से नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाने और स्वास्थ्य विभाग को हर खंड में साप्ताहिक कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए कि सभी शिक्षण संस्थानों में टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर चस्पा किए जाएं, जहां छात्र नशीले पदार्थों की बिक्री की सूचना गुप्त रूप से दे सकें। इसके साथ ही नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए गए।
सिंचाई विभाग को बारिश के मौसम के मद्देनज़र नहरों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास उगी भांग की नियमित कटाई सुनिश्चित करने को कहा गया। सभी विभागाध्यक्षों को अपने परिसरों की जांच कर भांग के पौधे हटवाने के निर्देश दिए गए।
डीसी प्रीति ने आमजन से भी अपील की कि वे नशीली दवाओं और पदार्थों की जानकारी पुलिस या प्रशासन को साझा करें। उन्होंने कहा कि यह एक सामाजिक बुराई है जिसे जड़ से मिटाने के लिए जनभागीदारी जरूरी है।
इस अवसर पर एसपी आस्था मोदी ने नशा मुक्ति व पुनर्वास की दिशा में कुछ महत्त्वपूर्ण सुझाव रखे। बैठक में एसडीएम प्रमेश कुमार, डीएसपी ललित, डीएसपी सुशील प्रकाश, डीडीपीओ कंवर दमन, जेल अधीक्षक अशोक कुमार, जिला उच्च शिक्षा अधिकारी मनोज बांबू, जिला शिक्षा अधिकारी रोहतास, सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला, रेडक्रॉस सचिव रामजी लाल आदि उपस्थित रहे।