Charge of recovery in the name of imposing nursery and pre nursery classes, DEO office cordon
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जिले के कुछ निजी स्कूलों पर दाखिले के नाम पर अवैध तरीके से वसूली करने, स्कूलों में प्राइवेट किताबें लगवाने और बिना अनुमति प्री-नर्सरी व नर्सरी की कक्षाएं लगाने का आरोप लगाते हुए अभिभावकों ने डीईओ कार्यालय का घेराव किया। अभिभावक डीईओ व व डीईईओ को उनके कार्यालय में ही घेरकर बैठ गए और जमकर स्कूलों और अधिकारियों पर आरोप-प्रत्यारोप जड़े।
स्टूडेंट्स पेरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ निजी स्कूलों द्वारा कभी दाखिला फीस, कभी प्राइवेट पब्लिशर की किताबें लगाने तो कभी बच्चों की नर्सरी और प्री नर्सरी कक्षाएं लगाने के नाम पर अभिभावकों को टॉर्चर किया जा रहा है। विभाग द्वारा बार-बार शिकायतों के बावजूद इन स्कूलों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जब तक अवैध वसूली नहीं रोकी जाएगी, तब तक वे यहीं धरना देकर बैठे रहेंगे। स्थिति ज्यादा खराब होने की सूचना पर अनाज मंडी चौकी से पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे और अभिभावकों को शांत करवाया। साथ ही डीईओ ने आश्वासन दिया कि अगर कोई भी स्कूल नियमों के खिलाफ चलेगा तो विभाग को पत्र लिखकर उसकी मान्यता रद्द करवाई जाएगी। उन्होंने अभिभावकों के सामने ही सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखा और आदेश दिए कि फीस के नियमों की अवहेलना करने वाले स्कूलों की रिपोर्ट ली जाए। अभिभावक संगठन से मोनू बत्रा, जगरूप ढुल, संदीप कुमार, नरेश कुमार, रविंद्र व अन्य अभिभावकों ने रोष जताते हुए उपरोक्त शिकायत की। लोगों ने कहा कि स्कूल दाखिला और अन्य प्राकर के चार्ज लगाकर मनमानी रकम वसूल रहे हैं। अभिभावक लुट रहे हैं, लेकिन अधिकारी चुप बैठे हैं।
वहीं डीईओ अनिल शर्मा ने कहा कि अगर कोई भी स्कूल नियमों के बाहर चलेगा तो उसकी मान्यता रद्द करने के लिए विभाग को पत्र लिखा जाएगा। विभाग की ओर से किसी स्कूल को नर्सरी और प्री नर्सरी की मान्यता नहीं, यह आंगनबाड़ी स्तर की कक्षाएं हैं। वहीं से अनुमति लेनी होती है। स्कूलों में केवल एससीईआरटी की किताबें लगेंगी। स्कूल फार्म नंबर-6 के अनुसार ही फीस ले सकेंगे।