आगामी 31 जनवरी तक जिले की 10 लाख 72 हजार 883 की जनसंख्या को आधार कार्ड से लिंक किया जाएगा। जिससे आधार कार्ड से संबंधित व्यक्ति की पूरी जानकारी मिल जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2010 में करवाई गई जनगणना में तैयार किए गए जनसंख्या रजिस्टर को आधार से जोड़ने की योजना के तहत यह कार्य किया जाएगा। इसके लिए कैथल में 682 प्रगणक नियुक्त किए गए हैं।
जो घर-घर जाकर लोगों से इस संबंध में जानकारी लेेंगे। योजना के अनुसार प्रत्येक परिवार के प्रत्येक व्यक्ति का नाम, पिता का नाम, जन्म स्थान, स्थाई पता जनगणना 2010 में एकत्रित किया गया था। इस जनगणना में जो जनसंख्या रजिस्टर तैयार किया गया था, अब सरकार इस रजिस्टर को अपडेट करेगी, जिसमें आधार नंबर, मोबाइल नंबर की सूचना संकलित की जाएगी। जनसंख्या के लिए बनाए गए प्रत्येक ब्लाक में घर-घर जाकर प्रगणकों द्वारा सूचना जुटाई जाएगी।
डीसी को बनाया गया है रजिस्ट्रार
योजना के लिए डीसी को जिला रजिस्ट्रार, एडीसी एवं जिला सांख्यिकी अधिकारी को एडिशनल रजिस्ट्रार, एसडीएम को सब डिविजन स्तर पर तथा तहसीलदार को तहसील स्तर पर अतिरिक्त सब जिला रजिस्ट्रार लगाया गया है। पटवारी को ग्रामीण स्तर पर लोक रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।
योजना के नोडल अधिकारी विकास बजाज का कहना है कि इस कार्य को पूरा करने से पहले ग्रामीण स्तर पर चार्ज अधिकारी तहसीलदार व नायब तहसीलदार होंगे तथा नगर स्तर पर नगर परिषद व नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी 10 प्रतिशत स्टाफ आरक्षित रखकर इस कार्य का प्रशिक्षण दिया जाएगा। हर प्रगणक को अधिक से अधिक तीन ब्लॉकों का कार्य दिया जाएगा। इस काम के लिए सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय भी प्रदान किया जाएगा।
10 लाख 72 हजार है जिले की जनसंख्या
जनगणना 2010 के अनुसार जिले में जनसंख्या 10 लाख 72 हजार 883 है। हालांकि पिछले पांच सालों में जनसंख्या में इजाफा भी हुआ है। लेकिन इस योजना में जनगणना में दर्ज जनसंख्या को ही शामिल किया गया है। इस तरह करीब ढेड़ माह में 682 प्रगणक 10 लाख 72 हजार की जनसंख्या का डाटा जुटाएंगे।
केंद्र सरकार के आदेशानुसार राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अपडेट करते हुए इसमें आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर जोड़ा जाएगा। इसके लिए अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए गए हैं कि वे समय पर राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य को पूरा करें। 31 जनवरी तक यह कार्य पूरा किया जाना है।
केएम पांडुरंग, उपायुक्त, कैथल।