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ऑप्टिकल फाइबर से सेंट्रलाइज होंगे सीसीटीवी, एक ही जगह से मॉनिटरिंंग

Wed, 03 Jun 2015 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
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आखिरकार प्रशासन को सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव की अहमियत समझ आ गई है। अब शहर के 23 स्थानों पर लगाए 52 सीसीटीवी कैमरों को एक ऑप्टिकल फाइबर केबल से जोड़कर सेंट्रलाइज किया जाएगा, ताकि इनमें होने वाली रिकॉर्डिंग की एक ही जगह से मॉनिटरिंग हो सके।
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इसके साथ-साथ जिस प्रकार से मनीष हत्याकांड में बिजली चले जाने के कारण रिकॉर्डिंग नहीं हो पाई, इस समस्या के भी समाधान की उम्मीद जगी है। डीसी ने नगर परिषद को सभी 23 कैमरों पर यूपीएस लगाने के आदेश दिए हैं।

शहर में लगे हैं 52 सीसीटीवी कैमरे
शहर के 23 चौक-चौराहों पर 52 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनमें कई कैमरे रखरखाव के अभाव में खराब हो रहे हैं। इन्हें आज तक भी एक कंट्रोल रूम से नहीं जोड़ा जा सका है। इनके रखरखाव एवं चालू हालत में रखने को लेकर भी किसी की जिम्मेवारी तय नहीं है। यही कारण है कि जरूरत पड़ने पर इन कैमरों से सहायता नहीं मिल पा रही है। शहर में चंदाना गेट, पिहोवा चौक, कमेटी चौक, जींद रोड, अंबाला रोड, करनाल रोड बाईपास चौक, भगत सिंह चौक, कबूतर चौक, खनौरी मार्ग, पटियाला चौक सहित 23 चौक-चौराहों पर कैमरे लगाए गए हैं।
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कैमरे सही होते तो वारदात सुलझाने में मिलती मदद
नई अनाज मंडी के गेट पर आढ़ती मनीष की हत्या कर भागे युवक की रिकॉर्डिंग अग्रवाल धर्मशाला के निकट लगे कैमरे में आ जाती, लेकिन उस समय बिजली गुल हो जाने के कारण रिकॉर्डिग नहीं हो पाई। यही हालत शहर में लगे अन्य जगहों के कैमरों की रहती है। जहां कई कैमरे तो बंद पड़े रहते हैं।

वहीं कइयों की केबल टूट जाने के कारण रिकॉर्डिंग बंद हो जाती है। इसके अलावा यदि कैमरे चालू हालत में हैं तो पुलिस को उसकी रिकॉर्डिंग लेने के लिए उस कैमरे को उतारकर उसमें से कॉपी करनी पड़ती है। यदि एक कंट्रोल रूम से इन्हें जोड़ दिया जाए तो विभिन्न गतिविधियों की निगरानी भी हो सकती है।

पूरे शहर में केबल नेटवर्क से जोड़ने के आदेश
मनीष हत्याकांड के बाद कैमरों की अहमियत को समझते हुए प्रशासन ने सभी कैमरों पर यूपीएस लगाने के आदेश जारी किए हैं, ताकि बिजली गुल होने पर इनकी रिकॉर्डिंग बंद न हो। जरूरत पडने पर उनका प्रयोग किया जा सके। साथ ही डीसी ने कंट्रोल रूम स्थापित करने के भी आदेश दिए हैं। इसमें पूरे शहर में लगाए गए कैमरों को ऑप्टिकल फाइबर केबल के नेटवर्क की सहायता से जोड़ दिया जाएगा, ताकि एक ही जगह से इनकी मॉनिटरिंग हो सके।

सांसद सैनी ने दी है 10 लाख की ग्रांट
शहर में कैमरों लगाने के लिए सांसद राजकुमार सैनी ने भी 10 लाख रुपये की ग्रांट दी है। इससे पहले पूर्व सांसद नवीन जिंदल की ओर से दिए 10 लाख रुपयों से ये कैमरे लगाए गए थे। अब देखना है कि जिला प्रशासन कितनी जल्दी इस ग्रांट का प्रयोग कर इन कैमरों को चालू हालत में लेकर आता है।

सभी कैमरों पर यूपीएस लगाने के लिए नगर परिषद अधिकारियों को आदेश दिए हैं। साथ ही गुड़गांव की एक कंपनी से गुड़गांव की तर्ज पर शहर के सभी कैमरों को ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क से जोड़ने के लिए बातचीत चल रही है। अगले एक-दो महीने में ये सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की वारदात होने पर इनकी सहायता ली जा सके।
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 -केएम पांडुरंग, डीसी, कैथल।
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