कौल माइनर की सफाई और उसमेें पानी आने के इंतजार में फरल के किसानों की आंखें अब पथराने लगी है। फरल के किसानों का कहना है कि सरकार कब किसानों के हितों के बारे में सोचेगी। किसानों का कहना है कि जब वे अपनी धान की फसल महंगा डीजल फूंक कर लगा लेंगे तो क्या तब अधिकारी माइनर में पानी छोड़ेंगे।
धान किसान हितैषी होने का दम भरने वाली भाजपा सरकार किसानों के बारे में कितनी संजीदा है यह तो किसान भली भांति जान चुके है। फरल व आस पास के गांवों के किसानों चंद्रपाल सिंह, महेंद्र सिंह धेरडू, राजेंद्र, नरेश कुमार, सोमपाल, प्रदीप कुमार, राजेंद्र नंबरदार ने बताया कि कौल माइनर आर.डी. 18200 टेल फ्रंट की विभाग ने आज तक सफाई नहीं करवाई। हालांकि ऐसा नहीं कि विभाग को जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि एसडीओ और कार्यकारी अभियंता को इस समस्या के बारे में कई बार अवगत करवा चुके है। लेकिन विभाग के अधिकारी इस समस्या को लेकर कभी भी गंभीर नजर नहीं आए। उन्होंने बताया कि उन्हें कतई उम्मीद नहीं थी कि भाजपा के शासन में भी अधिकारी किसानों की अनदेखी करेंगे।
उन्होंने बताया कि फरल के किसानों ने कौल माइनर के पानी के दर्शन नसीब नहीं हुए। जबकि धान का सीजन लगभग पूरा होने को आ गया है। कौल माइनर की टेल में पानी न छोड़ने से किसानों को डीजल पर पैसा खर्च करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जब भी इस बारे में संबंधित विभाग से इस माइनर की सफाई और पानी छोड़ने की बात की जाती है, अधिकारी उनको कहते है कि पानी छोड़ा हुआ है। लेकिन एक बात उनकी समझ से परे है कि जब पानी छोड़ा गया है तो पानी जा कहां रहा है। ग्रामीणों की जिला उपायुक्त से मांग है कि कौल माइनर आरडी. 18200 टेल तक की सफाई के साथ साथ पानी भी छोड़ा जाए और संबंधित लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
जब इस बारे में सिंचाई विभाग के एसडीओ निशांत से बात हुई तो उन्होंने बताया कि माइनर की सफाई शुरू हो चुकी है और पानी भी जल्द ही पहुंच जाएगा।