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Kaithal News: फर्जी प्राॅपर्टी आईडी का मामला पहुंचा डीसी दरबार

Thu, 26 Dec 2024 10:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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गुहला-चीका। गुहला-चीका में फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनाने व इन फर्जी आईडी पर रजिस्ट्री करने और अवैध काॅलोनी को वैध दिखाने का मामला डीसी के दरबार में पहुंच गया है। चीका के वार्ड नंबर-15 डेरा भाग सिंह निवासी जगजीत सिंह ने इस मामले को जिला कष्ट निवारण कमेटी में रखने के लिए डीसी कैथल को एक लिखित शिकायत दी है।

जगजीत सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाते हुए बताया है कि शहरी प्रापर्टी में विवादों से बचने के लिए प्रदेश सरकार ने प्राॅपर्टी आईडी बनाई है लेकिन चीका नगरपालिका के अधिकारियों ने काॅलोनाइजरों के साथ मिलकर एक पार्षद की मदद से कई फर्जी प्राॅपर्टी आईडी बना डाली और इनकी मदद से काॅलोनाइजरों ने अवैध कॉलोनी को वैध दिखाकर रजिस्ट्रियां करवा ली।
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जगजीत सिंह ने उपायुक्त को दी अपनी शिकायत में बताया है कि फर्जी प्रापर्टी आईडी बनाने और इनके बल पर अवैध कालोनियों को वैध दिखाकर रजिस्ट्रियां करवाने के काॅलोनाइजरों के मंसूबों से उन्होंने गुहला के तहसीलदार को पहले ही लिखित में सचेत कर दिया दिया था लेकिन सब कुछ जानते हुए भी इन अवैध कॉलोनियों में धड़ल्ले से रजिस्ट्रियां कर सरकारी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई है। इन आईडी पर जिस काॅलोनी की रजिस्ट्रियां करवाई गई है जगजीत सिंह ने बाकायदा उनकी खेवट नंबर व खसरा नंबर का भी अपनी शिकायत में जिक्र किया है। जगजीत सिंह ने बताया कि जिन लोगों को खेवट नंबर व खसरा नंबर का मालिक दर्शा रजिस्ट्रियां करवाई गई है उन लोगों का इस भूमि से दूर तक का भी वास्ता नहीं है।

जगजीत सिंह ने बताया कि इस कॉलोनी को जिला नगर योजनाकार ने भी अवैध बताते हुए अपने पत्र में यहां बने निर्माण को एसडीएम की मंजूरी से गिरवाने व इनकी रजिस्ट्रियों पर रोक लगाने की सिफारिश की थी लेकिन अधिकारियों ने नगर योजनाकार विभाग की भी परवाह नहीं की।

जगजीत सिंह ने बताया कि वे पहले ही एसडीएम गुहला से लेकर उपायुक्त कैथल, महानिदेशक प्रापर्टी एसीबी, सीएम विंडो व मुख्य सचिव हरियाणा सरकार तक को शिकायतें देने के अलावा तहसीलदार गुहला को भी लिखित में शिकायत दे चुके हैं लेकिन किसी भी अधिकारी ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। जगजीत सिंह ने बताया कि चीका में कम से कम 28 फर्जी प्रापर्टी आईडी बनाने और इन पर रजिस्ट्रियां करवाने का मामला उनके संज्ञान में आया है और अब वे इस मामले को कष्ट निवारण कमेटी में उठा भ्रष्टाचार में संलिप्त कई अधिकारियों की पोल खोलेंगे।

उनका कहना है कि यह मामला प्रशासन के लिए ना केवल एक चेतावनी है, बल्कि इस बात की ओर इशारा करता है कि सिस्टम में सुधार और पारदर्शिता लाने की सख्त जरूरत है। देखना है कि जांच के बाद क्या कार्रवाई की जाती है।

एसडीएम गुहला कर रहे मामले की जांच

सभी प्रापर्टी आईडी ऑनलाइन बनाई गई हैं वे पूरी तरह से सही हैं। जिन लोगों के नाम आईडी बनी है उनकी तरफ से कोई शिकायत नहीं आई है। मामले की जांच एसडीएम गुहला कर रहे हैं। जांच के बाद पूरा सच सामने आ जाएगा। - खुश राम, जेई नगरपालिका चीका।

तथ्य अधिकारियों के समक्ष रखेंगे

उपायुक्त के आदेशों पर नगरपालिका चीका के अधिकारियों की ओर से बनाई गई प्रापर्टी आईडी और उनके आधार पर हुई रजिस्ट्रियों की पूरी निष्पक्षता से जांच की जा रही है। जांच में आए तथ्य उच्च अधिकारियों के समक्ष रखे जाएंगे। जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। -कृष्ण कुमार, एसडीएम गुहला।
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मंजूरी के बाद ही की गईं रजिस्ट्रियां

हर एक प्रापर्टी आईडी यूएलबी पर बनाई जाती है। कोई भी रजिस्ट्री करने से पहले उसका टोकन नंबर लगता है और यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रहती है। कुछ रजिस्ट्रियों को लेकर शिकायत आई थी तो उन्हें मंजूरी के लिए पहले उच्च अधिकारियों को भेजा गया था। मंजूरी के बाद ही रजिस्ट्रियां की गई हैं। जगतीत सिंह आदतन शिकायतकर्ता है और कई लोगों ने उसके खिलाफ एफिडेविट दे ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए है। जगजीत सिंह के खिलाफ भी जांच की जा रही है। -मनजीत सिंह, तहसीलदार गुहला।

भमोरा। फाईल फोटो अंजली- फोटो : mathura

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