कैथल। गंडासी, डंडे व लाठियों से हमला करने और धमकी के दो मामलों में पुलिस ने 10 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पहले मामले में कसौर गांव निवासी आशुतोष ने गुहला पुलिस को शिकायत दी कि उनका तारांवाली निवासी प्यारी देवी के साथ जमीनी विवाद था। इसका 18 जनवरी 2023 को कोर्ट से उनके हक में फैसला आ गया। प्रशासन कब्जा हटवाकर उनको कब्जा दिलवाने आ गया। उसी समय गांव तारांवाली में कसौर व तारांवाली के मौजिज व्यक्तियों ने जमीनी विवाद के बारे में दूसरे पक्ष की विनती पर समझौता करवा दिया दिया।
समझौते के अनुसार मौजिज व्यक्तियों ने प्यारी देवी के मकान बचवा दिए और बदले में उन्हें आठ मरले जमीन देने का ब्याना करवा दिया। जब वे समझौते के अनुसार मिली जमीन पर निर्माण करने लगे तो दूसरे पक्ष ने उन्हें निर्माण नहीं करने दिया। इसके बाद 20 फरवरी को दोबारा पंचायत हुई और उस पंचायत में दोबारा फिर उनका इस बात पर समझौता हुआ कि उपरोक्त आठ मरले जमीन के साथ-साथ 22 लाख रुपये में प्यारी देवी व अन्य के परिवार का मकान भी उनको दे दिया। अब उनका निर्माण कार्य लेंटर पर पहुंच गया तो दूसरा पक्ष उनको परेशान करने लगा। 10 अप्रैल को चिनाई मिस्त्री व मजदूर अपना काम कर रहे थे इतने में ही खैरू राम, कर्मचंद, कर्मचंद का लडक़ा, बीबो देवी, बीरो देवी, खैरू राम की पत्नी व उसके लड़के गंडासी व डंडे लेकर आए और उन्हें पीटने लगे। इसके बाद गांव वालों को आता देखकर सभी अपने-अपने हथियारों सहित जान से मारने की धमकी देकर मौके से भाग गए। जांच अधिकारी एचसी राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दूसरे मामले में नथवान पट्टी बाता निवासी संग्राम ने कलायत पुलिस को शिकायत दी कि उनकी कुछ शामलात जमीन जैला के पशु बाड़े के पीछे है। इसमें वे दो तीन साल से पूछकर अपने पशुओं का गोबर डाल रहे थे। उसके पिता रामकुमार ने जैला व उसके लड़कों को गोबर उठाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने गोबर नहीं उठाया।
13 मार्च को शाम को उसके पिता शामलात प्लॉट में साफ-सफाई कर रहे थे तभी जैला ने तीन ईंट उनकी कमर में मारी। फिर जैला के लड़कों अनिल व अंकित ने लाठियों से उन पर हमला बोल दिया। शोर सुनकर उसकी माता ऊषा आईं तो आरोपियों ने लाठी व गंडासी से उन्हें भी घायल कर दिया। आसपास के लोग पहुंचे तो आरोपी भाग निकले। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर एसआई गुरदेव सिंह को मामले की जांच सौंपी है।