संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/पूंडरी/करनाल। अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के सैक्रामेंटो शहर में हुए एक भीषण सड़क हादसे में हरियाणा के दो परिवारों का सब कुछ उजड़ गया। कैथल जिले के सिरसल गांव निवासी 20 वर्षीय अरुण जांगड़ा उर्फ रोमी और करनाल जिले के कोयर गांव निवासी 24 वर्षीय विशाल की शनिवार रात ईस्टबाउंड1-80 हाईवे पर एक तेज रफ्तार जगुआर कार ट्रक से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गई, जिससे दोनों की कार में जलकर मौत हो गई।
यह हादसा भारतीय समय अनुसार सोमवार रात को हुआ, लेकिन इसकी सूचना मंगलवार सुबह पांच बजे भारत में उनके परिवारों को मिली। हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई और दोनों युवक बाहर निकल भी नहीं सके। अमेरिका में रह रहे जानकारों ने कार के नंबर से पहचान कर परिजनों को सूचना दी।
हादसा कैसे हुआ
विशाल के चचेरे भाई सुमित ने बताया कि दोनों दोस्त सेक्रामेंटो से फ्रिजनो सिटी स्थित अपने कमरे की ओर लौट रहे थे। तेज रफ्तार के चलते कार अनियंत्रित होकर पहले पलटी और फिर एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर के तुरंत बाद कार में आग लग गई। सूचना पर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। हादसे का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कार जलती दिखाई दे रही है।
गांवों में पसरा मातम अंतिम दर्शन की अपील
कैथल के सिरसल और करनाल के कोयर गांव में गहरा मातम छाया हुआ है। दोनों परिवार सदमे में हैं। अरुण और विशाल के माता-पिता बार-बार बेहोश हो रहे हैं। अरुण के पिता बलबीर सिंह और विशाल के पिता कर्म सिंह ने विदेश मंत्रालय, राज्य सरकार और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि दोनों युवकों के शवों को भारत लाने में मदद की जाए, ताकि वे अपने बच्चों का अंतिम संस्कार कर सकें।
बचपन में हो गई थी माता की मौत
विशाल जब 10 साल का था तो उसकी माता का निधन हो गया था। माता की मौत के बाद उसके मामा सुरेश उसे अपने साथ कैथल के गांव सिरसल ले गए थे।
अरुण गया था स्टडी वीजा पर, विशाल डंकी रूट से
अरुण के पिता बलबीर सिंह ने बताया कि बेटे की विदेश जाने की जिद को देखते हुए उन्होंने अपनी एकमात्र एक एकड़ जमीन बेचकर उसे कनाडा भेजा था। कनाडा से हाल ही में वह अमेरिका शिफ्ट हुआ था। उधर, विशाल के पिता कर्म सिंह के पास 5 एकड़ जमीन थी। बेटे को अमेरिका भेजने के लिए उन्होंने एक एकड़ जमीन बेची और 15 लाख रुपये उधार लिए। विशाल तीन साल पहले डंकी मार्ग से अमेरिका गया था।
अरुण और विशाल की बचपन से थी दोस्ती
विशाल की माता का देहांत उसके बचपन में ही हो गया था। इसके बाद वह अपने मामा सुरेश के पास कैथल के सिरसल गांव में रहने लगा। यहीं उसकी अरुण से दोस्ती हुई, जो बाद में गहरी हो गई। दोनों का साथ स्कूल से लेकर विदेश तक कायम रहा।
हमने सब कुछ लुटा दिया। अब बस अपने अरुण बेटे की एक झलक देखना चाहते हैं। सरकार कृपया हमारी मदद करें। -बलबीर सिंह, रोते हुए।