कैथल। जिले के 5 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच 1713 1713 ने परीक्षा दी ने यूजी नीट यूजी की परीक्षा दी जबकि 163 अभ्यर्थी परीक्षा देने ही नहीं पहुंचेे। सभी 5 केंद्रों पर केंद्रों पर अभ्यार्थियों को कड़ी जांच से गुजरना पड़ा। इस दाैरान पुलिसकर्मियों ने युवतियों के बालों से हेयर बैंड और हाथों से कड़े तक उतरवा दिए।
परीक्षा देने के लिए आए छात्राओं के आईडी कार्ड व फोटो की जांच की गई। इसके बाद मेटल डिटेक्टर और फिर बायोमेट्रिक सिस्टम से जांच की गई। इन प्रक्रिया को पूरा करने के बाद ही अभ्यार्थियों को परीक्षा केंद्र में जाने की अनुमति दी गई।
परीक्षा देकर निकले विद्यार्थियों का कहना था कि इस बार पेपर पिछली बार से मुश्किल जरूर था, लेकिन वे लोग इससे ज्यादा मुश्किल की उम्मीद करके आए थे। पिछली बार जब पेपर लीक हुआ था तो एनटीए ने दोबारा बहुत मुश्किल पेपर बनाया था।
वहीं दोबारा परीक्षा देने आए युवाओं में निराशा भी साफ दिखाई दी। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यार्थियों को रोल नंबर के अलावा सिर्फ फोटो और ट्रांसपेरेंट पानी की बोतल ले जाने की ही अनुमति थी।
हालांकि इस बार ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों को सामान उतरवाने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। हालांकि जांच के दौरान पेन, हाथ में डाले कड़े व हेयर बैंड भी बाहर ही रखवा लिए गए।
डीसी अपराजिता अपराजिता ने सबसे पहले कमेटी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और उसके बाद राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। संवाद
परीक्षा केंद्र से बच्चे के बाहर आने के इंतजार में खेतों में लेटे और बैठे हुए अभिभावक। संवाद
परीक्षा केंद्र से बच्चे के बाहर आने के इंतजार में खेतों में लेटे और बैठे हुए अभिभावक। संवाद
परीक्षा केंद्र से बच्चे के बाहर आने के इंतजार में खेतों में लेटे और बैठे हुए अभिभावक। संवाद
परीक्षा केंद्र से बच्चे के बाहर आने के इंतजार में खेतों में लेटे और बैठे हुए अभिभावक। संवाद
परीक्षा केंद्र से बच्चे के बाहर आने के इंतजार में खेतों में लेटे और बैठे हुए अभिभावक। संवाद
परीक्षा केंद्र से बच्चे के बाहर आने के इंतजार में खेतों में लेटे और बैठे हुए अभिभावक। संवाद
परीक्षा केंद्र से बच्चे के बाहर आने के इंतजार में खेतों में लेटे और बैठे हुए अभिभावक। संवाद
परीक्षा केंद्र से बच्चे के बाहर आने के इंतजार में खेतों में लेटे और बैठे हुए अभिभावक। संवाद
परीक्षा केंद्र से बच्चे के बाहर आने के इंतजार में खेतों में लेटे और बैठे हुए अभिभावक। संवाद