संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर में बेसहारा गोवंश की बढ़ती समस्या को देखते हुए नगर परिषद ने विशेष अभियान शुरू किया है। इसके लिए करीब 15 लाख रुपये की निविदा जारी की गई थी। अभियान की शुरुआत पिछले सप्ताह हुई और अब तक करीब 300 पशुओं को पकड़ा जा चुका है।
नगर परिषद की योजना के तहत एक हजार से अधिक गोवंश को पकड़कर गोशालाओं में छोड़ा जाएगा। इस काम में वार्ड पार्षदों की भी मदद ली जा रही है। पार्षद अपने-अपने वार्ड में बेसहारा गोवंश की सूचना संबंधित एजेंसी को देते हैं, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंचकर गोवंश को पकड़ती है।
नगर परिषद ने तीन महीने पहले विस्तार अनाज मंडी के पास दूसरी सरकारी गोशाला शुरू की थी। यहां पहले मॉडल टाउन जींद रोड की गोशाला का गोवंश शिफ्ट किया गया था। अब इस नई गोशाला में भी पकड़े गए गोवंश को रखा जा रहा है। नगर परिषद का दावा है कि सभी आवश्यक सुविधाएं यहां उपलब्ध करा दी गई हैं।
नगर परिषद समय-समय पर इस तरह के विशेष अभियान चलाती रही है लेकिन गर्मी में सड़कों पर बेसहारा गोवंश की संख्या बढ़ जाती है। इस कारण हादसों की आशंका भी अधिक रहती है। परिषद ने अभियान में एक हजार से अधिक गोवंश को पकड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अनुमान है कि शहर में करीब 1000 से 1200 बेसहारा गोवंश मौजूद हैं।
एक साल में छह से अधिक हादसे, तीन लोग गंभीर घायल
आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में बेसहारा गोवंश के कारण छह से अधिक सड़क हादसे हो चुके हैं। इनमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए। एक व्यक्ति की बांह टूट गई, जबकि दो बुजुर्ग—एक अशोका गार्डन कॉलोनी और दूसरी नेहरू गार्डन कॉलोनी निवासी—को भी गंभीर चोटें आईं। इन घटनाओं में घायलों की जान पर बन आई थी।
पिछले सप्ताह यह अभियान शुरू हो चुका है। अब तक 300 से अधिक गोवंश पकड़े जा चुके हैं। जुलाई में यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि शहरवासियों को गोवंश से होने वाले हादसों से राहत मिल सके। -सुरभि गर्ग, अध्यक्ष, नगर परिषद