संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय ने 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती के उपलक्ष्य में सुख शांति भवन, राजौंद में आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया। मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारीज करनाल एवं उत्तराखंड के निदेशक तथा खेल प्रभाग, माउंट आबू के सीनियर नेशनल कोऑर्डिनेटर भ्राता मेहर चंद ने आध्यात्मिक चेतना का संदेश देते हुए कहा कि एक परमधाम से सभी आत्माएं आई हैं। उन्होंने नैतिक जीवन अपनाने का आह्वान भी किया।
महाशिव जयंती का आध्यात्मिक महत्व विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि सर्व धर्मों के पिता एक निराकार ज्योति स्वरूप परमपिता परमात्मा हैं। भले ही लोग उन्हें अलग-अलग नामों से पुकारते हों, किंतु सभी आत्माएं एक ही परमधाम से इस धरती पर आई हैं। उन्होंने विभिन्न धर्मों की मान्यताओं का उल्लेख करते हुए परमात्मा शिव के वास्तविक स्वरूप को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि आत्मा के जागरण का पर्व है। जब मनुष्य भगवान शिव को ज्योति बिंदु स्वरूप में पहचानकर राजयोग के माध्यम से उनसे संबंध जोड़ता है, तब उसे जीवन में सच्ची शांति, शक्ति और आनंद की अनुभूति होती है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से अपने जीवन की किसी एक बुराई या नकारात्मक विचार को परमात्मा को समर्पित कर उसे सदा के लिए त्यागने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. विनय गुप्ता (एम एंड ए अधिकारी, मनोचिकित्सा विभाग, सिविल हॉस्पिटल कैथल) ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य हर घर को स्वर्ग बनाना और मानव जीवन को सुखमय बनाना है।
उन्होंने ब्रह्माकुमारीज संस्था के सामाजिक व आध्यात्मिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों से समाज में नैतिकता, संयम और शांति को बल मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान शिव बाबा के अवतरण दिवस पर परमात्म ध्वजारोहण बड़े उत्साह और उमंग के साथ किया गया। मंच संचालन ब्रह्माकुमारी सरिता दीदी (सेवाकेंद्र प्रभारी, हर्ष नगर असंध) ने किया। उन्होंने ईश्वरीय संदेश देते हुए कहा कि जब परमात्मा इस धरा पर अवतरित होते हैं तो वे मानव को अंधकार से प्रकाश, असत्य से सत्य और मृत्यु से अमरत्व की ओर ले जाते हैं। इस अवसर पर किरण बहन, आशा बहन, तेजस भाई सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।