संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रशासन जनता के द्वार विजन को साकार करते हुए जिला प्रशासन ने बुधवार को गांव कठवाड़ में रात्रि ठहराव कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त अपराजिता ने चौपाल में बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया। इस मौके पर गांव को ई-लाइब्रेरी की सौगात भी मिली।
चौपाल में सुनवाई के दौरान डीसी ने शेष समस्याओं के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में कार्रवाई के निर्देश भी दिए। ग्राम पंचायत ने तालाब की सफाई, गांव के बस अड्डे पर बस ठहराव, डिस्पेंसरी निर्माण, ई-लाइब्रेरी, स्कूल में कमरों की संख्या बढ़ाने तथा स्टेडियम निर्माण की मांग रखी।
ग्रामीणों ने तालाब ओवरफ्लो, पेयजल संकट, पेंशन, लोन न मिलने, जमीन अधिग्रहण का मुआवजा लंबित होने, जन्म प्रमाण पत्र न बनने और पीएम आवास योजना की किस्त न मिलने जैसी समस्याएं भी उठाईं। डीसी ने पंचायत द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर अधिकारियों को फिजिबिलिटी जांच के निर्देश दिए। इस अवसर पर एडीसी डॉ. सुशील कुमार, जिला परिषद सीईओ सुरेश राविश, सीटीएम गुरविंदर सिंह, डीएसपी सुशील प्रकाश, डीडीए सुरेंद्र यादव, एलडीएम सुमन कुमार, सरपंच हरविंद्र कौर मौजूद रहे।
शिक्षा ही प्रगति का आधार ः उपायुक्त
ग्रामीणों के सहयोग से संचालित लाइब्रेरी का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने युवाओं की मांग पर गांव में ई-लाइब्रेरी स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही प्रगति का आधार है। ई-लाइब्रेरी के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। गांव में जलभराव और गंदे पानी की निकासी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए डीसी ने संबंधित विभाग को माइक्रो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। डीसी अपराजिता ने कहा कि रात्रि ठहराव कार्यक्रमों का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को सरल और सुलभ बनाना है, ताकि लोगों को अपने कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। आमजन की समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों को नशा मुक्ति और यातायात नियमों के पालन के प्रति भी जागरूक किया।
कठवाड़ गांव में रात्रि ठहराव के दौरान समस्या बताते लोग।
कठवाड़ गांव में रात्रि ठहराव के दौरान समस्या बताते लोग।