फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनजीटी के नियम-कानून ताक पर, जला रहे कूड़ा

विज्ञापन
06-कैथल। खुराना रोड स्थित डंपिंग प्वाईंट पर जलते कचरे से उठता धूआं। - फोटो : Kaithal
विज्ञापन
कैथल। तमाम प्रयासों के बावजूद शहर में एनजीटी के नियमों का पालन नहीं हो रहा है। लोगों का आरोप है कि एनजीटी के आदेशों को नगर परिषद ही ठेंगा दिखा रही है। डंपिंग यार्ड में कचरे का निस्तारण नहीं किया जाता बल्कि आग लगा दी जाती है। ऐसे में यह आग लगाई जाती है या स्वयं लगती है, यह जांच का विषय है। मंगलवार को भी धुआं निकलता रहा। इससे लोग परेशान दिखे।
विज्ञापन

गौरतलब है कि नगर परिषद की तरफ से प्रतिदिन खुराना रोड पर बने शहर से 80 टन कचरे का निस्तारण किया जाता है। कुछ समय पहले भी इसकी क्षमता कम थी, लेकिन डोर टू डोर जाकर कचरा उठाने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद यह बढ़ गई है। इस मामले में दमकल विभाग के प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वह डंपिंग यार्ड में कई बार आग बुझाने के लिए जाते हैं। रविवार व मंगलवार को भी सूचना मिलने के बाद आग बुझाने के लिए गए थे। दूसरी ओर नगर परिषद प्रशासन भी मामले में चुप्पी साधे हुए है।
दरअसल, एनजीटी के नियमानुसार कचरे में आग नहीं लगाई जा सकती लेकिन यहां के डंपिंग यार्ड में अक्सर आग लगने की घटनाएं होती रहती हैं। इस संबंध में दमकल विभाग के अधिकारी का कहना है कि हालात देखकर लगता है कि यह आग लगाई जाती है। दूसरी ओर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी कुलदीप मलिक ने सफाई देते हुए कहा कि कचरे में आग लगाई नहीं जाती। गर्मी अधिक होने के कारण कई बार कचरे में यह आग अपने आप ही लग जाती है। इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ विकास हुड्डा ने बताया कि कचरा डंपिंग यार्ड में आग लगाने का मामला जांच का विषय है। इस पर जांच करवाई जाएगी। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित विभाग को नोटिस दिया जाएगा।
विज्ञापन

‘किसानों पर लगाया जाता है प्रदूषण फैलाने का आरोप’
शहरवासी पवन, अमन, सुरेश और रामलाल ने कहा कि वैसे तो सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए तरह-तरह के नियम बना रही है, लेकिन कचरे को जलाकर प्रदूषण के स्तर को बढ़ाया जा रहा है। जब दीवाली का समय होता है तो उस समय किसानों पर प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाया जाता है। मंगलवार की सुबह छह बजे कचरे में आग से निकल रहे धुएं के कारण सुबह यहां से निकलने वाले लोगों को भारी परेशानी हुई। इसके बाद दिनभर भी धुआं उठता रहा लेकिन तब प्रदूषण रोकने की चिंता किसी ने नहीं की।
निजी एजेंसी कर रही कचरे का निस्तारण
नगर परिषद कैथल की ओर से कचरे के निस्तारण के लिए एक निजी एजेंसी को टेंडर दिया गया है जबकि डोर टू डोर कचरा निस्तारण का टेंडर लगने का इंतजार है टेंडर के लगने के बाद ही इस समस्या का समाधान हो सकता है। शहर में से तो गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग उठाया जाता है, लेकिन डंपिंग यार्ड में जाकर इसे इकट्ठा कर दिया जाता है। कूड़े में कई बार आग लगने की शिकायत मिल चुकी है और इस बार फिर से आग बुझाने के बाद यहां धुआं उठ रहा है। दूसरी ओर इस संबंध में दमकल विभाग का आरोप है कि कूड़े में आग लगाई जाती है। लोगों का आरोप है कि प्रदूषण बोर्ड के नियंत्रण अधिकारियों को प्रदूषण की तभी याद आती है जब एनजीटी के नियमों को लेकर कोई टीम कैथल पहुंचती हैं। उधर, डोर टू डोर का टेंडर न लगने पर नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई निदेशालय स्तर पर की जानी है। इसमें कैथल, कुरुक्षेत्र और करनाल जिला शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें