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धनतेरस व दिवाली पर करीब 50 से 55 करोड़ का कारोबार

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कोरोना संकट के बाद दिपावली पर्व पर लोग बाजारों में पहुंचे और खूब खरीदारी की। करीब 50 से 55 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ। जिसमें आभूषण, गाडिय़ां, इलेक्ट्रॉनिक्स व बर्तन सहित अन्य सामान खरीदा गया। सुबह से लेकर शाम तक दुकानों में ग्राहकों की लाइनें लगी रही। प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर में सोने-चांदी की करीब 70 बड़ी दुकानें हैं। इन दुकानों पर दो दिनों में लोगों ने 5 करोड़ रुपये के करीब सोने-चांदी के सिक्के, बर्तन, मूर्तियां व अन्य सामान खरीदा। वहीं बर्तनों की शहर में करीब 50 बड़ी दुकानें हैं, जिन पर लोगों ने करीब दो करोड़ रुपये के पीतल, स्टील और कांसे सहित अन्य धातुओं के बर्तन खरीदे।
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ऑटोमोबाइल की एजेंसियों में भी लोगों ने जमकर गाडिय़ां और बाइक खरीदी। शहर में करीब 100 से अधिक कारें, 300 से अधिक दोपहिया, करीब 5 करोड़ सहित अन्य सभी प्रकार के सेगमेंट में करीब 55 से 60 करोड़ रुपये का औसत कारोबारा हुआ। दुकानदारों ने कहा कि सोना चांदी, दोपहिया वाहनों में पिछले साल के मुकाबले तेजी दिखी। इसके अलावा कारों, इलेक्ट्रोनिक आइटम में इस बार पिछले सालों के मुकाबले कुछ हद तक कम बिक्री हुई। लेकिन कोरोना काल के मुकाबले काफी अच्छी रही। हुंडई कार के मैनेजर रोहित कालड़ा ने कहा कि 40 कारें बिकी हैं। लेेकिन पिछली साल के मुकाबले कुछ कम रहा। राजा रिखी ज्वैलर्स के रजत अग्रवाल ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले काफी अच्छी सेल रही। इसी प्रकार से बाइक विक्रेता करण जेटली ने कहा कि बाइक की सेल अच्छी रही। पिछले साल भी लगभग इतनी ही बिक्री हुई थी। दो दिन तक धनतेरस मनाए जाने के कारण कारोबार अच्छा रहा।
दुकानदारों ने बताया कि धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषण, वाहन व बर्तनों की खरीदारी करना शुभ माना जाता है, जिस कारण इस दिन लोग ज्यादा से ज्यादा खरीद करते हैं। इस दिन खरीदे गए सामान की दिवाली तक पूजा होती है। लोगों ने चांदी के सिक्के, चांदी की हटड़ी व सोने के गिफ्ट खरीदे।
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पांच करोड़ रुपये के सोने व चांदी की खरीद-आभूषण विक्रेता अरुण सर्राफ ने बताया कि धनतेरस पर शहर में दुकानों से लोगों ने करीब 5 करोड़ रुपये के चांदी व सोने के आभूषण व अन्य सामान खरीद किया। दो दिन ग्राहकों की आवाजाही तेज रही। चांदी के गणेश-लक्ष्मी बने सिक्के के पूजन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि चांदी के सिक्के की पूजा करने से महालक्ष्मी की कृपा होती है। लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों और रिश्तेदारों को गिफ्ट करने के लिए सोने व चांदी के गिफ्ट भी खरीदे। चांदी के बर्तन व अन्य कई प्रकार का सामान भी खरीदा गया।
बर्तन विक्रेता गौरव गांधी ने बताया कि उनकी दुकान पर इस बार करीब चार लाख रुपये के बर्तन लोगों ने खरीदे। बर्तनों की खरीद सुबह से लेकर दे रात तक जारी रही। ग्रामीण तबके से जुड़े लोगों की संख्या दोपहर के समय दुकानों पर ज्यादा रही। शाम होने के बाद शहर के लोगों ने बर्तनों की खरीद ज्यादा की। कुछ लोगों ने पुराने बर्तनों को भी बदलकर नए बर्तन खरीदे।
शहर की ऑटोमोबाइल एजेंसियों में भी लोगों ने नए वाहन खरीदे। ऑटोमोबाइल सेक्टर से एलआर हुंडई के जीएम रोहित कालड़ा ने बताया कि धनतेरस पर उन्होंने 25 गाडिय़ों की सेल का लक्ष्य रखा था। इस बार लोगों ने खरीद अच्छी की। दा दिनों में 40 गाडिय़ों की उन्होंने सेल की। ग्राहकों ने पहले से गाडिय़ां ऑर्डर देकर बुकिंग करवा रखी थी। इस बार लोगों ने गाडिय़ों की खरीद में रूचि दिखाई।
मिठाई की दुकानों में भी खूब हुई खरीदारी-मिठाई की दुकानों में भी लोगों ने खूब खरीदारी की। अनिल दूआ और महावीर प्रजापति ने बताया कि इस बार भी लोगों ने पहले की तरह मिठाईयां खरीदी। ड्राई फ्रूट के रेट भी इस बार कम रहे। सुबह से शाम तक लोगों ने खरीद की। मिठाईयों के रेट 200 रुपये से मिठाईयों के रेट शुरू किए गए थे। लोगों ने एक दूसरे को उपहार देने के लिए भी ड्राई फ्रूट के गिफ्ट पैक करवाए।
बाजारों में रही भीड़
त्यौहारों को लेकर बाजारों में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों की भीड़ उमड़ी रही। शहर के मुख्य बाजार, कमेटी चौक, छात्रावास रोड, नरवानिया बिल्डिंग, भगत सिंह चौक, नौता चौक, पुराना बस स्टैंड, रेलवे गेट और सर्राफा बाजार में भीड़ इतनी ज्यादा रही कि लोगों को वाहन लेकर निकलने में काफी इंतजार करना पड़ा। सुरक्षा के दृष्टिगत बाजार में प्रशासन की ओर से पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए।
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