फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: पशु मेले ने बिगाड़ी बस व्यवस्था, यात्री परेशान

विज्ञापन
बसों के अभाव में सीट के लिए जद्दोजहद कर चढ़ते यात्री।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


कैथल। कुरुक्षेत्र में 6 से 8 फरवरी तक आयोजित हो रहे पशु मेले का असर कैथल जिले के यात्रियों पर भारी पड़ रहा है। मेले के चलते कैथल रोडवेज डिपो से 16 बसें कुरुक्षेत्र के लिए भेजी गईं, जिसके कारण जिले के कई स्थानीय और लंबे रूटों पर बसों की कमी साफ नजर आई। इस अव्यवस्था का सीधा खामियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।

शनिवार को भी कई रूटों पर यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ बसें तय समय से काफी देरी से अपने गंतव्य पर पहुंचीं। सुबह से ही कैथल बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ नजर आई। करनाल, जींद, नरवाना और चीका जैसे प्रमुख रूटों पर जाने वाले यात्रियों ने बसों की कमी को लेकर नाराजगी जताई।
विज्ञापन


नाराज यात्रियों का कहना था कि रोडवेज प्रबंधन की ओर से पहले से कोई सूचना नहीं दी गई, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को समय पर अपने काम पर पहुंचने में दिक्कत हुई।

बस नहीं मिली ः बस स्टैंड पर मौजूद यात्री सुभाष चंद ने बताया कि वह

सुबह करीब 9 बजे करनाल जाने के लिए बस स्टैंड पर पहुंचे थे, लेकिन आधे घंटे तक एक भी बस नहीं आई। मजबूरी में अब उन्हें निजी साधन से जाना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी वाहन चालक इस स्थिति का फायदा उठाकर यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। यह सरासर गलत है।
विज्ञापन

ठसाठस भरी बसों में खड़े होकर किया सफर

कुछ यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि जो बसें आईं, वे पहले से ही खचाखच भरी हुई थीं। बुजुर्ग यात्री कंवलजीत ने बताया कि उन्हें खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी। इतनी भीड़ में सफर करना मुश्किल हो गया, खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए। यात्रियों का कहना है कि पशु मेले जैसे बड़े आयोजन पहले से तय होते हैं, ऐसे में रोडवेज प्रबंधन को वैकल्पिक योजना बनानी चाहिए थी, ताकि दूसरे रूटों पर चलने वाले यात्रियों को परेशानी न हो। रोडवेज के डीआई (ड्यूटी इंस्पेक्टर) सूरज ने बताया कि कुरुक्षेत्र पशु मेले के लिए केवल लोकल रूट की बसें ही भेजी गई हैं। लंबे रूटों की बसों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यात्रियों के लिए पर्याप्त बसें उपलब्ध हैं और कोई गंभीर समस्या नहीं है। तीन दिन तक चलने वाले पशु मेले के दौरान प्रतिदिन 16 बसें कुरुक्षेत्र भेजी जाएंगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें