संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। फतेहाबाद डिपो के एक परिचालक के साथ मारपीट के विरोध में वीरवार को हिसार, सिरसा और फतेहाबाद रोडवेज डिपो के कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी, जिसका असर कैथल में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। इस हड़ताल के चलते कैथल से चंडीगढ़ और हिसार जाने वाली बसों की संख्या बेहद कम रही, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इन तीनों डिपो की लगभग 100 बसें वाया कैथल होकर चंडीगढ़ जाती हैं, जबकि कैथल से चंडीगढ़ और हिसार के लिए सामान्यत: केवल 15–20 समय (टाइमिंग) निर्धारित हैं। हड़ताल के कारण वीरवार को इस रूट पर बसों की आवाजाही में भारी कटौती हुई।
यात्रियों को झेलनी पड़ी कठिनाई ः हड़ताल से चंडीगढ़ व हिसार रूट पर बसों की संख्या नगण्य रही। गर्मी में घंटों तक इंतजार करने और खचाखच भरी बसों में खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर यात्रियों ने नाराजगी जताई।
कर्मचारियों की चेतावनी : नहीं हुई कार्रवाई तो होगा चक्का जाम
फतेहाबाद डिपो के परिचालक के साथ टिकट विवाद में हुई मारपीट की घटना के विरोध में कर्मचारियों में गहरा रोष है। कैथल डिपो के कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी तीन दिनों में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तो कैथल में भी चक्का जाम किया जाएगा।
पृष्ठभूमि में विवाद ः उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व फतेहाबाद डिपो की एक बस में टिकट को लेकर हुए विवाद के बाद परिचालक के साथ मारपीट की गई थी। उसी घटना के विरोध में तीनों डिपो के कर्मचारियों ने हड़ताल की है। इस कारण न केवल उनके रूट प्रभावित हुए, बल्कि वाया कैथल जाने वाली सभी मुख्य बसों की आवाजाही पर भी असर पड़ा।
यात्रियों ने बताई परेशानी
घंटों इंतजार के बाद बस आई तो उसमें बैठने तक की जगह नहीं थी। पूरी यात्रा खड़े होकर करनी पड़ी। बसों की कमी का नतीजा सभी यात्रियों ने भुगता। - रोमी पुनिया, यात्री
पहले थोड़े इंतजार के बाद बस मिल जाती थी, अब तो घंटों बस का पता ही नहीं चलता। पूछताछ केंद्र पर सही जानकारी नहीं मिली। - परवीन शर्मा, यात्री
फतेहाबाद, हिसार और सिरसा डिपो की बसें चंडीगढ़ नहीं गईं, लेकिन कैथल डिपो की ओर से चंडीगढ़ रूट की सभी निर्धारित बसें चलाई गईं। हड़ताल के कारण दोपहर के समय कुछ असुविधा जरूर हुई, लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि यात्रियों को बसें बिल्कुल नहीं मिलीं। -वीरेंद्र स्वामी, यातायात प्रबंधक