फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिदके सांड़ ने ली फ्रूट जूस विक्रेता की जान

Sat, 20 Aug 2016 11:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल
विज्ञापन
सांड़ - फोटो : ब्यूरो
विज्ञापन
कैथल। घर के बाहर खड़े एक व्यक्ति की सांड़ों की लड़ाई में मौत हो गई। घटना शुक्रवार को उस समय हुई जब शुक्रवार शाम लड़ रहे सांड़ों में से एक बिदक गया और उसने फ्रूट जूस विक्रेेता के पेट में सींग घोंप दिया। पीजीआई ले जाते समय घायल फ्रूट जूस विक्रेता ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन


लावारिस पशुओं के कारण लोगों की जान जा रही है और प्रशासन आंख-कान बंद कर बैठा है। लोगों के बार-बार गुहार लगाने के बाद भी प्रशासन लावारिस पशुओं का कोई इंतजाम नहीं कर पाया है।

शहर निवासी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि माता गेट पर माता मंदिर के पास शुक्रवार शाम को दो सांड़ लड़ रहे थे। उसके जीजा श्याम लाल (50) अपने दोहते को गोद में लिए घर के बाहर खड़े थे। तभी सांड़ों को अपनी ओर आता देख उन्होंने अपने दोहते को कमरे की ओर खिसका दिया और खुद दीवार से सट गए।
विज्ञापन


तभी लड़ाई में बिदके एक सांड़ ने उनके पेट में सींग घोंप दिया। उनकी पूरी अंतड़ियां बाहर निकल आईं। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां से चिकित्सकों ने उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई ले जाते समय अंबाला के पास उनकी मौत हो गई।

परिवार पर विपदाओं का पहाड़
परिवार के सदस्यों ने कल्पना भी नहीं की थी कि ऐसा हादसा उनके साथ होगा। श्याम लाल (50) किसी तरह फ्रूट जूस की रेहड़ी लगाकर परिवार का गुजारा कर रहे थे। उसकी दो बेटियां और एक अपाहिज बेटा है। इस हादसे से परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया।

बच गया मासूम
मृतक श्याम लाल ने सांड़ को अपनी ओर आता देखकर अपने दोहते को कमरे की ओर खिसका दिया। इससे मासूम बाल-बाल बच गया। लेकिन बिदके सांड़ ने उनकी जान ले ली।

सड़कों से हटें पशु तो कम हों हादसे
लाख कोशिशों के बाद भी पशुओं के कारण होने वाले हादसों में कमी नहीं आई है। प्रशासन ने सड़कों पर घूमने वाले लावारिस पशुओं के लिए कोई इंतजाम नहीं किए हैं। यदि प्रशासन सड़कों या शहर में घूमने वाले इन लावारिस पशुओं के लिए कोई पक्का इंतजाम कर देता है तो ऐसे हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है।

शहर निवासी कर्ण गौड़, प्रो. सीबी सैनी, राजकुमार, विनय, गौरव बंसल, संजय, धर्मबीर, डा. राजेश कुमार आदि ने प्रशासन से मांग की है कि इन लावारिस पशुओं का पक्का इंतजाम कर उन्हें समस्या से निजात दिलाई जाए।

काम सिर्फ कागजों में, न जाने कब बनेगी गौशाला
नगर परिषद का 8 एकड़ में गौशाला निर्माण करवाने का प्लान है। अभी तक इस प्रोजेक्ट का अधिकतर काम फाइलों तक ही सिमटा है। इस मामले में हर बार प्रशासन की बैठकें होती हैं लेकिन नतीजा अभी तक नहीं निकला है।

यहां है लावारिस पशुओं का बोलबाला
शहर में सभी सड़कों, चौक-चौराहों पर लावारिस पशुओं का बोलबाला है। ढांड रोड, करनाल रोड, अंबाला रोड, चंदाना गेट, जाखौली अड्डा सहित सभी मुख्य मार्गों पर रात-दिन पशुओं के कारण लोग अक्सर दुर्घटनाग्रस्त होते हैं।


यह एक दुखद हादसा है। इस संबंध में अधिकारियों से कई बार चर्चा हो चुकी है। रविवार को ही पता करवाएंगे कि आखिर सड़कों से इन पशुओं को कैसे हटवा सकते हैं। गंभीरता से इस दिशा में काम किया जाएगा। - यशपाल प्रजापति, चेयरमैन, नगर परिषद कैथल।

नंदीशाला सहित गौशाला बनाए जाने पर काम चल रहा है। ईओ नगर परिषद को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में अब और गंभीरता से काम किया जाएगा। - रविप्रकाश गुप्ता, डीसी, कैथल।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें