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किसी ने सराहा तो किसी के हाथ लगी निराशा

Thu, 02 Feb 2017 12:00 AM IST
ब्यूरो कैथल
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आम बजट की अधिकतर घोषणाओं का लोगों ने किया स्वागत - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आम बजट में सरकार द्वारा की गई अधिकतर घोषणाओं का लोगों ने स्वागत किया है। वित्त विशेषज्ञों ने मध्यम वर्ग के लिए बजट को काफी सराहनीय बताया है। वहीं रेल संबंधी ज्यादा विस्तार से जानकारी ना मिलने पर रेल यात्रियों को निराशा हाथ लगी है। आयकर सीमा में छूट में बढ़ोतरी, परीक्षाओं के लिए अलग संस्थान, कर्ज सीमा बढ़ाए जाने जैसे फैसलों का लोगों ने स्वागत किया है।
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रेल और केंद्रीय बजट एक साथ जारी करना ऐतिहासिक निर्णय
अर्थशास्त्री प्रोफेसर सूरज वालिया ने बताया कि सरकार ने बजट में कई अहम निर्णय लिए हैं। रेल और केंद्रीय बजट को एक साथ जारी करना ऐतिहासिक निर्णय है। राजनीति दलों को चंदे के रूप में 2000 अधिक नकद राशि नहीं दे सकते हैं। पीपीटी के तहत छोटे शहर में एयरपोर्ट बनाने से लोगों को रोजगार मिलेगा। एक लाख 50 हजार पंचायतों को हाई स्पीड ब्रॉड बैंड से जोड़ने से विकास की गति आएगी। सीनियर सिटीजन के लिए विशेष ध्यान रखा गया है। मध्यम वर्ग को 3 लाख रुपये तक टैक्स से बाहर रखा गया है।

काबिल विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का मिलेगा अवसर
युवा पुनीत कुमार ने बताया कि बजट में शिक्षा के स्तर को सुधारने के मद्देनजर परीक्षाओं के लिए अलग से संस्थान बनाए जाने का ऐलान एवं सरकारी स्कूलों में सुधार की घोषणा सराहनीय है। यह एक ऐतिहासिक निर्णय है। इससे योग्य विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
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लघु उद्योग को बढ़ावा अहम कदम
बिजनेस मैन अनिल कुमार ने बताया कि बजट में लघु उद्योगों पर बढ़ावा देने के लिए अहम कदम उठाए है। तीन लाख रुपये तक टैक्स से बाहर रखने के निर्णय से लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं पांच लाख रुपये तक 5 प्रतिशत टैक्स की सीमा निर्धारित करना सही है।

बजट मध्यम वर्ग को केंद्रित रखकर बनाया गया है। इसमें मध्यम वर्ग, किसान व युवा वर्ग के लिए काफी कुछ है। बड़े उद्यमियों को जीएसटी से ही आस है।
नरेंद्र मिगलानी, चावल निर्यातक

आम करदाताओं के लिए यह शानदार बजट है। शुरुआती बजट में 3 लाख तक आयकर में छूट, 10 लाख तक 5 प्रतिशत की छूट से काफी लाभ मिलेगा। लोग रिटर्न भरने के लिए प्रेरित होंगे। भूमि अधिग्रहण की राशि को टैक्समुक्त करना सराहनीय है। वहीं 50 करोड़ की टर्न ओवर से ज्यादा वाली कंपनियों को कॉरपोरेट टैक्स में छूट ना देकर वादाखिलाफी की गई है। रेल बजट के बारे में ज्यादा विस्तार से जानकारी दी जानी चाहिए थी।
सतीश बंसल, सीए एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, एकांश ग्रुप।

राजनीतिक दलों के लिए दो हजार से अधिक का चंदा नकदी में लेने पर रोक स्वागत योग्य है। साथ ही तीन लाख से अधिक का लेन-देन कैश में नहीं होगा। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही कालेधन के लिए विशेष जांच दल का गठन किया जाएगा। यह ऐतिहासिक बजट है।
रविभूषण गर्ग, भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ अध्यक्ष

बजट से पूरे देश में विकास में मदद मिलेगी। यह गरीब व मध्यम वर्ग के लिए कल्याणकारी बजट है। किसानों के लिए भी कई बड़ी परियोजनाओं का ऐलान है। पीएम मोदी के नेतृत्व में सफल बजट रहा।
राजकुमार सैनी, सांसद

भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में देश आगे बढ़े। इस बात को ध्यान में रखते हुए किसान, युवा व मध्यम वर्ग के लिए अनेकों बड़ी परियोजनाएं हैं। जो स्वागत योग्य हैं। बजट पूरी तरह से सफल एवं कल्याणकारी बजट है।
राव सुरेंद्र सिंह, भाजपा प्रत्याशी

बजट में शब्दों का मायाजाल ज्यादा है। नोटबंदी के कारण निराशा के माहौल में व्यापारी वर्ग को बड़ी राहत की उम्मीद थी। लेकिन सरकार ने खत्म हो चुके हथकरघा, मध्यम उद्योग के लिए कुछ नहीं किया। अधिकतर घोषणाएं पांच राज्यों के चुनाव को देखते हुए की गई हैं। जो निंदनीय हैं। बजट ने हर वर्ग को निराश किया है।
रणदीप सुरजेवाला, मीडिया प्रभारी नेशनल कांग्रेस एवं विधायक कैथल।

बजट के कारण किसानों, गरीबों व आम आदमी को काफी निराशा हुई है। फसल बीमा योजना से पहले ही किसान को कोई लाभ नहीं मिल रहा। वहीं सिंचाई योजना धरातल से दूर है। नोटबंदी से मायूस उद्योग जगत में मायूसी बढ़ी है। बजट पूरी तरह से असफल है।
रामपाल माजरा, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव

रेल व आम बजट को बहुत ही सराहनीय है।  वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बजट में आयकर की सीमा ढ़ाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर मध्यम वर्ग के लोगों के हित में फैसला लिया है।
राजरमन दीक्षित, प्रवक्ता भाजपा।  

बजट से सभी वर्गों को लाभ मिलेगा। यह आम आदमी का बजट है। भाजपा सरकार ने गरीब आदमी, मनरेगा मजदूर, किसान, व्यापारी, कर्मचारी सहित सभी वर्गों को देखते हुए घोषणाएं की हैं।
विजय उर्फ विक्की शर्मा, पूर्व पार्षद

रेलयात्रियों को निराशा हाथ लगी
आम बजट के साथ रेल बजट को पेश किये जाने पर रेल यात्रियों के हाथ निराशा लगी है। कैथल के लोगों को रेलवे में इस बार कुछ भी नहीं मिला है।

रेल कल्याण समिति के चेयरमेन सतपाल गुप्ता ने कहा कि उन्हें इस बार पेश होने वाले बजट में सरकार सेे काफी अधिक उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है। जिससे वे काफी निराश हुए हैं। उन्होंने बताया कि समिति के सदस्य रेल मंत्री से मिलकर भिवानी से चंडीगढ़ वाया कैथल ट्रेन को चलाने का मांग पत्र दिया था जिसकी घोषणा इस बार के बजट में होनी थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रेल कल्याण समिति के उप प्रधान लाजपत सिंगला ने कहा कि सरकार द्वारा आम बजट के साथ ही रेल बजट को प्रस्तुत किये जाने के कारण रेल बजट काफी फीका रहा है।

बजट से देश का होगा विकास
भाजपा नेता प्रोफेसर डा. सुखदेव कुंडु ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा 2017-18 के लिए पेश किया गया आम बजट व रेल बजट देश को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। यह बजट आम आदमी की जरूरतों पर केंद्रित है और उनको आर्थिक प्रगति की ओर ले जाने वाला है।

सीवन में लोगों ने दी मिलीजुली प्रतिक्रिया
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए बजट पेश किया। किसी ने बजट को सराहा तो किसी ने बजट को कड़वा बताया। सीवन सरपंच प्रतिनिधि एवं पेक्स चेयर मैन अमरेंद्र खारा ने बजट को राष्ट्र हित का बजट बताया। पुष्पिंद्र सिंह बिट्ू सरपंच रसूलपुर ने कहा कि बजट में गरीब आदमी का ध्यान रखा गया। बेघरों को घर बनाने का प्रावधान सराहनीय है।  ब्लाक सीवन सरपंच प्रधान बलविंद्र सिंह प्रभावत ने बताया कि सरकार ने ई-टिकट को सस्ता कर दिया है, जिससे आम जनता को विशेष लाभ मिलेगा। विपक्ष चाहे जो भी कहे परंतु यह बजट आम जनता के लिए बनाया गया है।

किसानों ने कहा- घोषणाओं पर अमल हो तो ही मिलेगा लाभ
बजट में ग्रामीण क्षेत्र के लिए रखे गए प्रावधानों पर किसानों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। गांव दुमाड़ा के किसान रामपाल का कहना है कि सरकार ने बेशक गांवों के विकास के लिए सड़क, आधारभूत संरचना, बिजली, मनरेगा, मृदा योजना आदि के लिए काफी प्रावधान रखा है। आज तक का तो इतिहास यही रहा है कि केंद्र सरकार गांवों के विकास के लिए पैसा भिजवाती है पर यथार्थ में खर्च के नाम पर उसका कुछ प्रतिशत ही मिलता है।

गांव चौशाला के किसान बलदेव सिंह का कहना है कि सभी गांवों को ब्रॉड बैंड से जोड़ना, ग्राम ज्योति योजना के लिए बड़ी रकम का प्रावधान रखना इस बात का द्योतक है कि केंद्र सरकार गांवों के विकास को पहिये लगाना चाहती है। पानी की निकासी के लिए भी प्रबंध होना चाहिए था।
कलायत के किसान सतीश राणा का कहना है कि बजट को केवल चुनावी बजट ही कहा जाए तो बेहतर होगा। बजट में सरकार ने एक करोड़ गरीबों को मकान देने का जो वादा किया है वह चुनावी प्रलोभन अधिक लगता है।

गांव कुराड़ के किसान राममेहर का कहना है कि बजट पूरी तरह से किसानों के हित में गांवों के लिए विकासपरक है। प्रधानमंत्री मृदा योजना के लिए 2.44 लाख करोड़ रुपये के लोन के प्रावधान से किसानों के खेतों की हालत सुधरेगी। राजकुमार राणा का कहना है कि सरकार गांव के विकास के लिए पहले से ही कृतसंकल्प नजर आ रही है।
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