फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अजय का अंतिम संस्कार, आरोपी रिमांड पर, नाबालिग की तलाश

Wed, 10 Jun 2015 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
कैथल। दस लाख रुपये की फिरौती के लिए अपने ही दोस्तों के शिकार बने अजय के शव को मौत के 50 घंटे बाद अग्नि नसीब हुई। परिजनों ने रोहतक पीजीआई में पोस्टमार्टम करवाकर मंगलवार दोपहर बाद करीब तीन बजे अजय का अंतिम संस्कार कर दिया। उधर, पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 2 दिन के रिमांड पर लिया है। तीसरे नाबालिग आरोपी की तलाश जारी है।
विज्ञापन


ये है मामला
महादेव कालोनी निवासी अजय का रविवार को दोपहर को उसके ही दोस्तों राहुल, लविश व नाबालिग ने बेरहमी से कत्ल कर दिया था। पहले उसके सिर पर गंडासी से वार किए, फिर उसके हाथ का अंगूठा काटा और उसके चेहरे और छाती पर पैट्रोल डालकर आग लगा थी। उसका शव मूंदड़ी नहर पर सिरसा ब्रांच के पास मिला था।

अजय को मारने के बाद तीनों युवकों ने फोन कर उसके पिता से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। लेकिन उसके पिता ने फिरौती देने से इंकार कर दिया। रविवार रात को ही एक शव पूंडरी में मूंदड़ी नहर के पास से पुलिस ने बरामद किया था। सोमवार सुबह परिजनों ने उस शव की अजय के तौर पर पहचान की थी। सोमवार को पूरा दिन पोस्टमार्टम के लिए भटक े परिजन रात्रि करीब 10 बजे उसके शव को रोहतक ले जाने पर राजी हुए। जहां मंगलवार सुबह तीन घंटे लंबी प्रक्रिया में पीजीआई में विशेषज्ञों ने अजय के शव का पोस्टमार्टम किया। करीब 3 बजे नम आंखों से अजय को अंतिम विदाई दी गई।
विज्ञापन


नाबालिग आरोपी की तलाश में पुलिस
पुलिस ने 24 घंटों में मामला सुलझाने की सफलता हासिल की। उधर, पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। पुलिस वारदात में शामिल तीसरे आरोपी नाबालिग की गिरफ्तारी के लिए सरगर्मी प्रयास कर रही है।

पुलिस प्रवक्ता रोशन लाल ने बताया कि एसएचओ सीटी इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह ने आरोपी राहुल व लविश निवासी महादेव कॉलोनी का 9 जून को अदालत से दो तक पुलिस रिमांड हासिल किया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। दोनों से उनके तीसरे नाबालिग साथी, वारदात में प्रयोग की गंडासी और मोटरसाइकिल की जानकारी हासिल की जाएगी। वहीं, पार्षद विक्की शर्मा का कहना है कि तीनों युवक यहां घर के आसपास आते-जाते थे। लेकिन किसी को यह इल्म नहीं था कि वे तीनों इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देंगे। यह काफी दुखद घटना है। अजय के परिवार में उसका छोटा भाई, मां एवं पिता हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें