संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। चीका क्षेत्र में गांवों की जर्जर सड़कों का समाधान नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों के लिए ये जी का जंजाल हैं। इस कारण वाहन चालकों सहित अन्य राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके तहत डंडोता, बोपुर से पंजाब तक जाने वाली सड़क पर चलना मुश्किल है।
इस सड़क की बेहद ही खस्ताहाल है, जिनकी न ही लोक निर्माण विभाग सुध ले रहा है और न ही सरकार की ओर से ठीक कराया जा रहा है। लोग उच्चाधिकारियों से सड़क को ठीक कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया।
विभाग के अधिकारी पहले तो बाढ़ में व्यस्त थे, लेकिन बाढ़ के आठ महीने बाद भी टूटी सड़कें नहीं बनी। इस कारण टूटी सड़कें लोगों के लिए मुसीबत बनी हैं, जिनको ठीक कराए जाने के लिए प्रशासन की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों की मानें तो टूटी सड़कों को लेकर उन्होंने स्थानीय विधायक से लेकर सीएम पोर्टल तक शिकायत की, लेकिन सालों बाद भी इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया। अधिकारी नींद सो रहे हैं। शिकायत करने के बावजूद भी कोई भी समय पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
जड़ौला से बेगपुर की सड़क खस्ताहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। जड़ौला से बेगपुर को जाने वाली खस्ताहाल सड़क ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। नाराज ग्रामीणों में संबंधित विभाग के प्रति गहरा रोष है।
ग्रामीण प्रदीप, डिंपल,सोनू, इश्म सिंह, देवेंद्र, श्याम, इंद्रजीत, रिंकू, नरेश कुमार, बलजीत सिंह, सुरेश कुमार ने बताया कि जडौला से बेगपुर को जाने वाली सड़क वर्षों से टूटी पड़ी है। गहरे गड्ढे से सड़क पर वाहन चलाना बड़ा मुश्किल होता है। लोगों ने बताया कि बारिश के दिनों में सड़क तालाब जैसी नजर आती है।
दोपहिया वाहन चालक तो कई बार गिर कर चोटिल हो चुके है। स्कूल आने जाने वाले बच्चों को भी काफी परेशानियों का सामना उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को गुहार लगा चुके है,लेकिन उनका एक ही रटा रटाया जवाब होता है कि आपकी समस्या का शीघ्र ही समाधान हो जाएगा, लेकिन समस्या का समाधान नही हुआ।
नाराज ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें टूटी हुई सडक़ से निजात दिलाई जाए। दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता वरुण कंसल का कहना है कि जडौला से बेगपुर वाली सड़क का टेंडर हो चुका है। चुनाव आचार संहिता के चलते अभी नया कार्य शुरू नही करवा सकते है। इसके बाद ही कार्य संभव हो पाएगा। उसके बाद ग्रामीणों को किसी प्रकार की कोई समस्या नही आने दी जाएगी।