फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: करनाल रोड पर ओवरब्रिज बनाने की तैयारी पर ब्रेक

Sun, 20 Apr 2025 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। लघु सचिवालय के पास करनाल रोड पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने की तैयारी की कवायद पर ब्रेक लग गया है। रेलवे के अधिकारियों ने बोर्ड के अधिकारियों के साथ प्रस्ताव भी दिया था, लेकिन अनुमति न मिलने के बाद यहां पर इस आरओबी निर्माण के लिए मंजूरी नही पाई है।

इससे पहले बस स्टैंड वाले फाटक पर मंजूरी मिल चुकी है लेकिन अब तक काम भी शुरू नहीं पाया है। करीब साढ़े चार किलोमीटर तक एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाना था, परंतु इस ट्रैक की व्यावहारिकता न मिलने की जानकारी गत अक्तूबर में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वयं दी थी। ऐसे में अब रेलवे ओवरब्रिज की बनाने पर विचार किया गया है, लेकिन अब इस भी तलवार लटक गई है।
विज्ञापन


अंबाला रोड पर नए बस स्टैंड के पास इसकी मंजूरी हुई पर निर्माण कब शुरू होगा, इस संबंध में अभी कोई भी जवाब नहीं आया है। बजट की अनुमति मिलने के बाद ही इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इस प्रकार से बनाई थी योजना ः एलिवेटेड ट्रैक करीब चार किलोमीटर तक बनाने की योजना बनाई गई थी। इसमें जींद रोड आरओबी से 200 मीटर से आगे शुरू कर गांव ग्योंग तक बनाने की योजना थी। इसमें डेढ़ किलोमीटर की चढ़ाई, डेढ़ किलोमीटर की ऊंचाई और ट्रैक डेढ़ किलोमीटर नीचे उतारने की योजना थी।

लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन राजकुमार ने बताया कि अभी करनाल रोड स्थित रेलवे फाटक के निर्माण को लेकर अनुमति नहीं मिल पाई है। यदि अनुमति मिलेगी तो आगामी कार्यवाही शुरू की जाएगी।

जाम ज्यादा रहता है

यहां पर अधिक जाम रहता है। इसलिए एलिवेटेड ट्रैक बनना चाहिए। यदि यहां पर रेलवे ओवरब्रिज बना तो भी जाम से राहत नहीं मिलेगी। ऐसा होने पर उनका धंधा भी चौपट होगा।

-प्रवीन शर्मा, दुकानदार, कैथल।

प्रॉपर्टी वैल्यू कम होगी

कुछ दिन पहले ही रेलवे फाटक पर मरम्मत के समय काफी हालात खराब हो गए थे। यदि यहां पर रेलवे ओवरब्रिज बनाया गया तो यहां मौजूद प्रॉपर्टी की वैल्यू कम हो जाएगी।
विज्ञापन


-डॉ. विवेक गर्ग, कैथल।
करनाल रोड पर एलिवेटेड ट्रैक की बजाय रेलवे ओवरब्रिज बनाने की प्रक्रिया के तहत आला अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। अब रेलवे बोर्ड की ओर से यह फैसला लिया जाना है कि यहां पर रेलवे ओवर ब्रिज किस प्रकार से बनाया जाना है। इस पर कार्यवाही जारी है। -जेके अरोड़ा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल सेक्शन, उत्तर रेलवे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें